फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जो किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी लगती है। यहाँ एक घर में शहनाइयां बज रही थीं, मंगल गीत गाए जा रहे थे और बारात के स्वागत की तैयारियाँ अंतिम चरण में थीं। लेकिन अचानक कुछ ऐसा हुआ कि खुशियों वाले घर में मातम जैसा सन्नाटा पसर गया। जिस दुल्हन के सिर पर सेहरा सजने वाला था, वह अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई। अंत में परिवार की इज्जत बचाने के लिए छोटी बहन को आगे आना पड़ा और उसने बड़ी बहन की जगह दूल्हे के साथ सात फेरे लिए।

​क्या है पूरा मामला? खुशियों के बीच अचानक मचा हड़कंप

​यह घटना फिरोजाबाद के शिकोहाबाद क्षेत्र की है। यहाँ रहने वाले एक प्रतिष्ठित कपड़ा कारोबारी ने अपनी बड़ी बेटी की शादी बड़े ही अरमानों के साथ हाथरस के एक युवक से तय की थी। शादी की तारीख 13 फरवरी मुकर्रर हुई थी। दोनों परिवारों में खुशी का माहौल था और मैरिज होम में मेहमानों का तांता लगा हुआ था।

​शादी की रस्में पूरी रीति-रिवाज के साथ चल रही थीं। हल्दी और मेहंदी के बाद, 13 फरवरी की सुबह दुल्हन पक्ष को हाथरस स्थित मैरिज होम के लिए निकलना था। घर के बाहर गाड़ियाँ खड़ी थीं, सामान लादा जा चुका था, लेकिन ऐन वक्त पर जब दुल्हन को तैयार होने के लिए आवाज दी गई, तो वह अपने कमरे में नहीं थी।

​गहने और नकदी लेकर प्रेमी संग हुई फरार

​परिजनों ने जब दुल्हन की तलाश शुरू की, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पता चला कि युवती घर में रखे कीमती जेवर और नकदी लेकर अपने प्रेमी के साथ रफूचक्कर हो गई है। पिता और रिश्तेदारों ने उसे आसपास और संभावित जगहों पर तलाशा, लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं लगा।

​एक तरफ बेटी के चले जाने का दुख और दूसरी तरफ दरवाजे पर खड़ी बारात और समाज में बदनामी का डर—कारोबारी का परिवार पूरी तरह टूट चुका था। शादी वाले घर में जहाँ हंसी-ठिठोली होनी चाहिए थी, वहाँ सिसकियों और चिंता ने ले ली।

​छोटी बहन ने पेश की मिसाल: ‘पापा, मैं शादी करूँगी’

​हाथ में आए इस संकट को देखते हुए और परिवार की मर्यादा को मिट्टी में मिलने से बचाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया। कारोबारी की छोटी बेटी ने अपने माता-पिता के आंसू पोंछे और खुद शादी करने का प्रस्ताव रखा।

​परिजनों ने तुरंत हाथरस में दूल्हा पक्ष से संपर्क किया और उन्हें पूरी सच्चाई ईमानदारी से बता दी। दूल्हा पक्ष ने भी स्थिति की गंभीरता को समझा और छोटी बहन से शादी करने के लिए अपनी सहमति दे दी। इसके बाद, कारोबारी अपने परिवार और छोटी बेटी को लेकर हाथरस पहुंचे, जहाँ बिना किसी शोर-शराबे के मर्यादा के साथ विवाह संपन्न हुआ।

​पुलिस के पास पहुँचा मामला, जांच जारी

​एक तरफ जहाँ छोटी बेटी की विदाई हुई, वहीं दूसरी तरफ पिता ने कानून का दरवाजा खटखटाया है। बेटी के इस तरह घर से जेवर और नकदी लेकर भागने की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई है। शिकोहाबाद थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर युवती और उसके प्रेमी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस मोबाइल लोकेशन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है।

​समाज में चर्चा का विषय बनी यह शादी

​यह घटना अब पूरे जिले में चर्चा का केंद्र बनी हुई है। लोग जहाँ एक ओर बड़ी बेटी के इस कदम की आलोचना कर रहे हैं, वहीं छोटी बेटी के साहस और त्याग की सराहना कर रहे हैं। समाज के जानकारों का कहना है कि आज के दौर में भी पारिवारिक प्रतिष्ठा बचाने के लिए बच्चे इस तरह के कड़े फैसले लेते हैं, जो वाकई काबिल-ए-तारीफ है।

निष्कर्ष

​फिरोजाबाद की यह घटना हमें रिश्तों की उलझनों और पारिवारिक मूल्यों की याद दिलाती है। जहाँ एक तरफ एक बेटी ने अपनी निजी पसंद के लिए परिवार के मान-सम्मान को दांव पर लगा दिया, वहीं दूसरी तरफ छोटी बहन ने उसी सम्मान को बचाने के लिए अपनी जिंदगी का एक बड़ा फैसला चंद मिनटों में ले लिया। कानूनी तौर पर अब पुलिस मामले को सुलझाने में जुटी है, लेकिन यह शादी वाकई लोगों के लिए एक मिसाल और सबक दोनों है।