
दवा और सर्जरी के बिना बड़ी बीमारियों पर जीत: 102 लोगों पर सफल रहा इंटरमिटेंट फास्टिंग का प्रयोग
आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित एसएन मेडिकल कॉलेज के एक चिकित्सक दंपती ने इंटरमिटेंट फास्टिंग (रूका-रूका कर उपवास) थेरेपी के माध्यम से चिकित्सा जगत में एक नई उम्मीद जगाई है। उनके अध्ययन से यह पुष्टि हुई है कि फास्टिंग थेरेपी बिना किसी दवा या सर्जरी के फैटी लिवर, मधुमेह और मोटापे जैसी गंभीर समस्याओं से मुक्ति दिला सकती है।
102 मरीज़ों पर 6 महीने का सफल क्लिनिकल
अध्ययनमेडिसिन विभाग के डॉ. प्रभात अग्रवाल और स्त्री रोग विभाग की डॉ. रुचिका गर्ग ने 25 से 40 वर्ष की आयु वर्ग के 102 महिला-पुरुषों पर यह विस्तृत अध्ययन किया। *
अध्ययन की अवधि: 6 महीने (180 दिन)
थेरेपी का प्रकार: रात के 16 घंटे की फास्टिंग थेरेपी (इंटरमिटेंट फास्टिंग)।
शामिल मरीज़: 11 मधुमेह, 7 फैटी लिवर के मरीज शामिल थे, साथ ही सभी का वजन बढ़ा हुआ था। उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और उच्च कोलेस्ट्रॉल के मरीज भी थे।
आश्चर्यजनक परिणाम:
बीमारियों से मुक्ति और दवाओं में कटौतीछह महीने तक थेरेपी का पालन करने के बाद, परिणाम काफी उत्साहजनक रहे:
बीमारियों से मुक्ति: दो मरीज़ मधुमेह, तीन फैटी लिवर और 12 मरीज़ कोलेस्ट्रॉल की समस्या से पूरी तरह मुक्त हो गए।
वजन में कमी: सभी मरीज़ों का वजन औसतन 7.8 किलो तक कम हुआ (8 से 12 प्रतिशत)।
दवाओं में कमी: 27 मरीज़ों की इंसुलिन और अन्य दवाओं में महत्वपूर्ण कटौती की गई।
अन्य सुधार: उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, और पेट के विकारों में भी सुधार देखा गया, जिससे कार्यक्षमता में वृद्धि हुई।
महिलाओं के लिए लाभ: डॉ. रुचिका गर्ग ने बताया कि 46 प्रतिशत महिलाओं में पीसीओएस, अनियमित माहवारी, और हार्मोनल असंतुलन संबंधी दिक्कतें दूर हुईं।
डॉ. प्रभात अग्रवाल ने बताया: “कुछ मरीज़ मोटापे के कारण बेरिएट्रिक सर्जरी की तैयारी कर रहे थे, लेकिन फास्टिंग थेरेपी से उन्हें भी लाभ हुआ।”
फास्टिंग थेरेपी का तरीका (16:8 विधि)
इस अध्ययन में 16:8 इंटरमिटेंट फास्टिंग प्रोटोकॉल का पालन किया गया:
उपवास का समय (16 घंटे): रात 8 बजे भोजन के बाद अगले दिन दोपहर 12 बजे तक खाली पेट रखा गया।
भोजन का समय (8 घंटे): दिन के बचे 8 घंटों में 1500 से 1800 कैलोरी का संतुलित भोजन दिया गया।
आहार में शामिल: हरी सब्जियां, दाल, चावल, रोटी और फल। डायटीशियन मिनी शर्मा के अनुसार, कम परिश्रम वाले लोगों के लिए यह कैलोरी मात्रा पर्याप्त है।
शुरुआत में सहारा: शुरुआती 10-15 दिनों में कमजोरी दूर करने के लिए ग्रीन टी, सूप या दलिया खिचड़ी दी गई, जिसे बाद में बंद कर दिया गया।
अच्छी सेहत के लिए कुछ ज़रूरी सुझाव
संतुलित आहार: दही, फल, हरी सब्जियां और सलाद को आहार में शामिल करें।
नियमितता: रात को 8-9 बजे तक भोजन करें और सोने से पहले टहलें।
बुरी आदतों से दूरी: एल्कोहल और तंबाकू का सेवन करने से बचें, चाय/कॉफी को दिन में एक बार तक सीमित करें।
पर्याप्त नींद: छह से आठ घंटे की भरपूर नींद लेना आवश्यक है।




