आगरा में हाई अलर्ट! ताजमहल के चप्पे-चप्पे पर सघन तलाशी, पश्चिमी और पूर्वी गेट पर पुलिस की कड़ी निगरानी।

आगरा, – दिल्ली में हुए हालिया बम धमाके के मद्देनजर, विश्व प्रसिद्ध स्मारक ताजमहल की सुरक्षा अभूतपूर्व रूप से बढ़ा दी गई है। किसी भी अप्रिय घटना को टालने के लिए, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। पर्यटकों को अब कड़ी सुरक्षा जाँच से गुजरने के बाद ही ताजमहल परिसर में प्रवेश दिया जा रहा है।

सुरक्षा के लिए डॉग और बम निरोधक दस्ते तैनात

सोमवार शाम को दिल्ली में हुए धमाके के तुरंत बाद ही ताजमहल में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। रात भर चले विशेष ऑपरेशन में, CISF के डॉग स्क्वायड के साथ-साथ बम निरोधक दस्ते (BDS) ने पूरे स्मारक की सघन तलाशी ली।

तलाशी में शामिल रहे मुख्य क्षेत्र:

मुख्य मकबरे का परिसर

उद्यान और लॉन

सभी कमरे और ड्रेनेज सिस्टम

डस्टबिन और बाथरूम तक की जाँच

कैमरे की निगरानी वाले क्षेत्रों के कोने-कोने को भी खंगाला गया।

सुरक्षा अधिकारियों ने पुष्टि की कि मगलवार सुबह भी इसी तरह की व्यापक चेकिंग के बाद ही पर्यटकों को परिसर में प्रवेश करने की अनुमति दी गई। हर एक पर्यटक की गहन जाँच की जा रही है।

CISF और पुलिस का संयुक्त सुरक्षा घेरा

CISF कमांडेंट वैभव कुमार दुबे ने बताया कि ताजमहल की सुरक्षा का जिम्मा साल 2000 से CISF के पास है। सुरक्षा व्यवस्था को दो प्रमुख क्षेत्रों में बाँटा गया है:

रेड जोन (स्मारक के अंदर का हिस्सा): इसकी जिम्मेदारी CISF संभालती है।

यलो जोन (500 मीटर की परिधि): यहाँ की सुरक्षा व्यवस्था स्थानीय पुलिस और पीएसी देखती है।

पश्चिमी और पूर्वी गेट पर पुलिस की सख्ती

ताजमहल के पश्चिमी और पूर्वी गेट पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। पुलिस बैरियर पॉइंट्स पर हर व्यक्ति की पहचान और चेकिंग की जा रही है।

बैग की जाँच: अंदर जाने वाले पर्यटकों के बैग की सघन तलाशी ली जा रही है।

पूछताछ: पर्यटकों से उनके आने का स्थान और उद्देश्य पूछा जा रहा है।

सामान रखने की हिदायत: पर्यटकों को स्पष्ट निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे अपने बैग और बड़े सामान को लॉकर रूम में रखने के बाद ही ताजमहल में प्रवेश करें।

टू-व्हीलर की चेकिंग: पास न दिखाने वाले दोपहिया वाहनों को तुरंत वापस लौटाया जा रहा है।

यह बढ़ी हुई चौकसी दर्शाती है कि सुरक्षा एजेंसियाँ किसी भी खतरे को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहती हैं, और ताजमहल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा गया है।दूं?