
धन-समृद्धि के लिए खरीदारी का सर्वश्रेष्ठ समय; जानें किस चीज़ की खरीददारी होगी सबसे लाभदायक
उत्तर प्रदेश: दीपों के महापर्व दीपावली से ठीक पहले, धन और समृद्धि लाने वाले नक्षत्रों के राजा पुष्य नक्षत्र का महासंयोग बन रहा है। 14 अक्टूबर की शाम से शुरू होकर, यह शुभ मुहूर्त अगले दिन, 15 अक्टूबर की शाम तक रहेगा, जिससे खरीदारी के लिए एक शानदार अवसर मिल रहा है।
नक्षत्रों के राजा पुष्य का शुभ समय
काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के पूर्व सदस्य, ज्योतिषाचार्य ने बताया कि पुष्य नक्षत्र की शुरुआत 14 अक्टूबर को शाम 5:28 बजे होगी और यह 15 अक्टूबर की शाम 4:49 बजे तक रहेगा। यह मुहूर्त दीपावली और धनतेरस से पहले खरीदारी के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। शास्त्रों में पुष्य को ‘सौ दोषों को दूर करने वाला’ और शुभ कार्यों में निश्चित सफलता दिलाने वाला कहा गया है।
महामुहूर्त में करें लाभदायक निवेश
ज्योतिषियों के अनुसार, पुष्य नक्षत्र बहुमूल्य वस्तुओं की खरीददारी के लिए सबसे श्रेष्ठ फलदायी मुहूर्त है। इस बार, यह नक्षत्र मंगल और बुध ग्रह के प्रभाव में आ रहा है:
मंगल पुष्य नक्षत्र (14 अक्टूबर): इसे धनवृष्टि का कारक माना गया है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार, इसमें भूमि या भवन (प्लॉट, मकान, फ्लैट, कृषि भूमि) जैसी अचल संपत्ति के साथ-साथ म्यूचुअल फंड की खरीदारी भी सर्वाधिक लाभकारी होगी। यह निवेश लंबे समय तक स्थिर लाभ प्रदान करेगा।
पुष्य नक्षत्र के शुभ ग्रह: ज्योतिषाचार्य बताते है कि इस नक्षत्र के स्वामी शनि और इसके देवता बृहस्पति अच्छी स्थिति में हैं। यह संयोग व्यापार के बड़े सौदों, नई डील, पार्टनरशिप या ब्रांच विस्तार की योजना को मूर्त रूप देने के लिए अनुकूल है।
इन चीज़ों की खरीदारी से बढ़ेगी समृद्धिपुष्य नक्षत्र में की गई खरीदारी धन और समृद्धि के आगमन का संकेत देती है। इस शुभ अवधि में निम्नलिखित वस्तुओं की खरीददारी विशेष रूप से लाभदायक होगी:

|राजयोगों का भी रहेगा साथ
पुष्य नक्षत्र के इस महासंयोग में कई अन्य शक्तिशाली राजयोग भी बन रहे हैं।
सिद्ध और साध्य योग (14 और 15 अक्टूबर): ये दोनों योग निवेश को फलदायक बनाते हैं।
अन्य शुभ योग: दीपावली पर खरीदारी के लिए 17 अक्टूबर को सिद्धि राजयोग, 19 अक्टूबर को अमृतसिद्धि योग और 20 अक्टूबर को सर्वार्थ सिद्धि योग का भी निर्माण हो रहा है।ज्योतिषाचार्यों का मत है कि पुष्य नक्षत्र के दो दिनों के महामुहूर्त में किया गया कोई भी निवेश भविष्य में सफलता और मुनाफा सुनिश्चित करता है। इस दिन किया गया दान भी अक्षय (अक्षत) फल देता है।




