
नई दिल्ली: इंटरनेट की दुनिया में अपने तीखे और व्यंग्यात्मक (Satirical) अंदाज के लिए मशहूर डिजिटल संगठन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) इन दिनों भारी संकट में है। सरकार और व्यवस्था पर तंज कसने वाले इस ग्रुप के खिलाफ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सख्ती का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में संगठन के आधिकारिक एक्स (ट्विटर) अकाउंट को सस्पेंड किए जाने के बाद, अब सीजेपी की मुख्य वेबसाइट को भी पूरी तरह से बंद (ब्लॉक) कर दिया गया है।
इस कड़ी कार्रवाई के बाद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दीपके ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने सरकार के इस कदम को सीधे तौर पर ‘तानाशाही रवैया’ करार दिया है। दीपके का दावा है कि उनके इस डिजिटल आंदोलन को कुचलने के लिए न सिर्फ वेबसाइट बंद की गई है, बल्कि उनके पर्सनल सोशल मीडिया अकाउंट्स को भी निशाना बनाया जा रहा है।
शिक्षा मंत्री के खिलाफ अभियान बना कार्रवाई की मुख्य वजह?
अभिजीत दीपके ने सार्वजनिक तौर पर यह आरोप लगाया है कि यह पूरी कार्रवाई एक खास ऑनलाइन अभियान के चलते की गई है। दरअसल, देश में हाल ही में हुए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक (Paper Leak) मामले को लेकर युवाओं और छात्रों में भारी आक्रोश था। इसी आक्रोश को मंच देते हुए कॉकरोच जनता पार्टी ने देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ एक बड़ा डिजिटल मोर्चा खोल रखा था।
संगठन ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर एक ऑनलाइन याचिका (Petitions) शुरू की थी। दीपके के मुताबिक, “इस अपील पर देखते ही देखते करीब 6 लाख लोगों ने अपने हस्ताक्षर कर दिए थे। व्यवस्था की इसी नाकामी और जवाबदेही पर सवाल उठाना भारी पड़ गया। छात्रों के हक की आवाज बुलंद करने की सजा हमें वेबसाइट बंद करके दी जा रही है।”
लाखों फॉलोअर्स का नेटवर्क हुआ ठप, इंस्टाग्राम भी हुआ हैक
कॉकरोच जनता पार्टी का ग्राफ इंटरनेट पर बेहद कम समय में बहुत तेजी से ऊपर गया था। दीपके ने बताया कि संगठन की वेबसाइट से सदस्य के तौर पर लगभग 10 लाख लोग (जिन्हें वे प्यार से ‘कॉकरोच’ कहते हैं) जुड़ चुके थे। लेकिन इस डिजिटल स्ट्राइक के बाद अब संगठन की पहुंच अपने किसी भी सोशल मीडिया हैंडल तक नहीं रह गई है।
”हमारा एकमात्र अपराध यह था कि हम अपने और आने वाली पीढ़ी के लिए एक बेहतर और सुरक्षित भविष्य की मांग कर रहे थे। जिन छात्रों ने सरकारी नाकामियों के कारण तनाव में आकर अपनी जान गंवा दी, हम उनके लिए न्याय मांग रहे थे।” – अभिजीत दीपके, संस्थापक (CJP)
इतना ही नहीं, दीपके ने यह भी दावा किया कि सिर्फ आधिकारिक पेज ही नहीं, बल्कि उनका खुद का व्यक्तिगत इंस्टाग्राम अकाउंट भी हैक कर लिया गया है। दो दिन पहले जब सीजेपी का मुख्य एक्स अकाउंट बंद हुआ था, तो उन्होंने ‘कॉकरोच इज बैक’ नाम से एक नया अकाउंट बनाया था, जिस पर कुछ ही घंटों में हजारों फॉलोअर्स आ गए थे, लेकिन उस पर भी पाबंदी लगा दी गई।
जान से मारने की धमकियां मिलने का सनसनीखेज दावा
इस पूरे विवाद में एक नया और गंभीर मोड़ तब आया जब अभिजीत दीपके ने खुद को जान से मारने की धमकियां मिलने की बात कही। उन्होंने सोशल मीडिया पर कुछ स्क्रीनशॉट भी साझा किए हैं, जिनमें उन्हें डराने-धमकाने और गंभीर परिणाम भुगतने के संदेश भेजे गए हैं।
इस तरह की धमकियों और डिजिटल सेंसरशिप के बावजूद दीपके के हौसले पस्त होते नहीं दिख रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि सरकार इस तरह के दबाव बनाकर युवाओं की आवाज को दबा नहीं सकती। उल्टा, सरकार का यह दमनकारी रवैया देश के युवाओं की आंखें खोल रहा है कि कैसे सच बोलने पर पाबंदियां लगा दी जाती हैं।
’आप हमसे इतनी आसानी से पीछा नहीं छुड़ा सकते’
सेंसरशिप के इस दौर में भी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के कोर मेंबर्स हार मानने को तैयार नहीं हैं। अभिजीत दीपके ने अपने समर्थकों को भरोसा दिलाते हुए कहा है कि वे अपनी आवाज उठाने के लिए दोबारा नए सिरे से तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने घोषणा की है कि उनकी टीम एक नई वेबसाइट पर काम कर रही है और वे जल्द ही एक नए और मजबूत डिजिटल ठिकाने के साथ वापस लौटेंगे।
इस घटना ने एक बार फिर देश में इंटरनेट की आजादी, व्यंग्य (Satire) की सीमाओं और डिजिटल स्पेस में सरकार के हस्तक्षेप को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।



