
आगरा। ताजनगरी के इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। खराब मौसम और भारी बारिश की चुनौतियों को पार करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आखिरकार आगरा पहुंचे और जनता को बहुप्रतीक्षित ‘ग्रेटर आगरा’ परियोजना का उपहार दिया। करीब 5142 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह टाउनशिप न केवल आगरा की सूरत बदलेगी, बल्कि इसे उत्तर प्रदेश के एक प्रमुख औद्योगिक और आवासीय हब के रूप में भी स्थापित करेगी।
खराब मौसम भी नहीं रोक सका कदम: “आपका धैर्य देख गदगद हूं”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आगरा आगमन किसी फिल्मी पटकथा से कम रोमांचक नहीं रहा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने अपनी देरी का कारण साझा किया। सीएम ने बताया, “मैं दोपहर डेढ़ बजे ही निकल गया था, लेकिन मौसम इतना खराब था कि मथुरा के बीच रास्ते से वापस लौटना पड़ा। मैं साढ़े तीन बजे तक एयरपोर्ट पर बैठा रहा। मुझे लग रहा था कि जब तक पहुंचूंगा, शायद मंच पर अकेला रहूं, लेकिन आपका धैर्य और उत्साह देखकर मेरा मन प्रसन्न हो गया।”
मुख्यमंत्री ने आगरा की जनता का आभार जताते हुए कहा कि जिस तरह यहां के लोगों ने भाजपा को 9 विधायक, मेयर, सांसद और जिला पंचायत अध्यक्ष दिए हैं, यह विकास उसी विश्वास का प्रतिफल है।
ग्रेटर आगरा: नदियों के नाम पर बसेंगी 10 अत्याधुनिक टाउनशिप
आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) द्वारा रायपुर रहनकला में विकसित की जा रही यह योजना 449.65 हेक्टेयर में फैली होगी। इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि इसमें बनने वाली 10 टाउनशिप के नाम भारत की पवित्र नदियों के नाम पर रखे गए हैं। यह आधुनिक सुविधाओं से लैस एक ‘स्मार्ट सिटी’ होगी।
टाउनशिप के नाम और उनका क्षेत्रफल:
| टाउनशिप का नाम | क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) |
|---|---|
| T-01 सिंधुपुरम | 26.83 |
| T-02 गोमतीपुरम | 49.45 (सबसे बड़ी) |
| T-03 गंगापुरम | 48.86 |
| T-04 यमुनापुरम | 43.77 |
| T-05 बेतवापुरम | 28.41 |
| T-06 महानदीपुरम | 31.09 |
| T-07 नर्मदापुरम | 45.18 |
| T-08 गोदावरीपुरम | 42.28 |
| T-09 कृष्णापुरम | 42.86 |
| T-10 कावेरीपुरम | 47.78 |
–आउट प्लान के अनुसार, गोमतीपुरम सबसे बड़ी टाउनशिप होगी, जबकि सिंधुपुरम सबसे छोटी। इन सभी को रेरा (RERA) से मंजूरी मिल चुकी है, जो निवेशकों के लिए सुरक्षा की गारंटी है।
”पाकिस्तान तबाह, पर भारत सुरक्षित”: वैश्विक संकट के बीच विकास का मंत्र
मंच से जनता को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने वैश्विक हालातों की तुलना भारत से की। उन्होंने कहा, “आज दुनिया में युद्ध की वजह से तबाही मची है। अमेरिका जैसे देशों में महंगाई 4 गुना तक बढ़ गई है। हमारा पड़ोसी देश पाकिस्तान पूरी तरह तबाह हो चुका है, लेकिन भारत में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सब कुछ नियंत्रण में है। हमने देश में महंगाई नहीं बढ़ने दी और नक्सलवाद-माओवाद को जड़ से खत्म किया है।”
उन्होंने आगे कहा कि आगरा अब केवल ‘स्मार्ट आगरा’ नहीं रहेगा, बल्कि ‘सेफ आगरा’ (Safe Agra) के रूप में भी जाना जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि मेट्रो का काम जल्द पूरा होगा और इस साल के अंत तक आगरा को नया सिविल टर्मिनल भी मिल जाएगा।
निवेश और रोजगार: दूसरा नोएडा बनने की राह पर आगरा
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि ग्रेटर आगरा आने वाले समय में उत्तर प्रदेश का दूसरा नोएडा बनेगा। यहां बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनियां आएंगी, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के हजारों अवसर पैदा होंगे।
मई से शुरू होगी प्लॉटों की बुकिंग:
रियल एस्टेट में रुचि रखने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर यह है कि इस योजना में प्लॉट की बुकिंग मई महीने से शुरू होने की संभावना है। हालांकि अभी जमीन के रेट आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं किए गए हैं, लेकिन सूत्रों के अनुसार एडीए बोर्ड की बैठक में करीब 33,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर का रेट तय किया जा सकता है।
निष्कर्ष: विकास की नई उड़ान
ग्रेटर आगरा महज एक आवासीय योजना नहीं है, बल्कि यह आगरा के औद्योगिक कायाकल्प का एक ब्लूप्रिंट है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा आगरा वासियों को यह भरोसा दिलाने में कामयाब रहा कि सरकार पर्यटन के साथ-साथ शहर के बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।
पाठकों के लिए प्रश्न:
क्या आपको लगता है कि ‘ग्रेटर आगरा’ परियोजना वास्तव में आगरा को नोएडा की तरह एक आधुनिक औद्योगिक हब बना पाएगी? अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।



