आगरा में CM योगी का सख्त निर्देश: जनप्रतिनिधि ‘SIR’ को प्राथमिकता दें; बोले- ढिलाई बर्दाश्त नहीं

आगरा, उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा मंडल के भाजपा सांसदों, विधायकों और पदाधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए अगले तीन दिनों तक अपने सभी कार्य छोड़कर केवल ‘एसआईआर’ (SIR – Special Intensive Revision) के काम पर पूरी ताक़त झोंकने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष, खासकर समाजवादी पार्टी (सपा), बाहर से भले ही विरोध कर रही हो, लेकिन अंदरूनी तौर पर वह अपनी ‘एसआईआर’ प्रक्रिया को पूरी तेज़ी से आगे बढ़ा रही है, जिसके लिए भाजपा कार्यकर्ताओं को फुल अलर्ट मोड में रहना होगा।

मुख्य बिंदु: सीएम की समीक्षा बैठक का सार

शहरी क्षेत्रों की धीमी प्रगति पर CM योगी ने जताई नाखुशी

मंडलायुक्त सभागार में हुई इस उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने आगरा मंडल के आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी जिलों की विधानसभा-वार ‘एसआईआर’ प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि आगरा महानगर की तीनों विधानसभा सीटों पर भाजपा-समर्थित मतदाताओं की मैपिंग केवल 55% ही हो पाई है। फिरोजाबाद, मथुरा और मैनपुरी महानगरों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई।

कड़ा संदेश: सीएम ने साफ़ कहा, “अब किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शहरी क्षेत्रों में खास अभियान चलाकर मैपिंग को जल्द से जल्द पूरा किया जाए।

गली-मोहल्लों में जाकर ‘एसआईआर’ पूरा कराने का निर्देश

मुख्यमंत्री योगी ने सभी जनप्रतिनिधियों (सांसदों, विधायकों, पार्षदों) और संगठन पदाधिकारियों को आगामी तीन दिनों में अपनी पूरी ताक़त झोंकने का स्पष्ट निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि वे स्वयं गली-कूचों और मोहल्लों में जाकर ‘एसआईआर’ प्रक्रिया को सुनिश्चित कराएं।

विपक्ष की ‘दोहरी रणनीति’ पर CM योगी ने किया आगाह

मुख्यमंत्री ने भाजपा कार्यकर्ताओं को विपक्ष की रणनीति से सावधान करते हुए कहा कि सपा समेत विपक्षी दल बाहर से ‘एसआईआर’ का विरोध कर रहे हैं, लेकिन अंदरखाने उन्होंने अपने सभी कार्यकर्ताओं को पूरी शक्ति से इस कार्य में लगा रखा है।

“यह समय सजग रहने का है। बूथ स्तर पर ‘एसआईआर’ मज़बूत होगा, तभी हमारा संगठन मज़बूत होगा।

” ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के बाद की तैयारी पर दिया जोर

एसआईआर’ के बाद आने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची के महत्व को बताते हुए, योगी आदित्यनाथ ने कार्यकर्ताओं को इसे सावधानी से जांचने की प्रक्रिया समझाई:

फॉर्म 6: पात्र व्यक्ति का नाम छूट गया हो तो भरवाएं।

फॉर्म 7: सूची में कोई गलत व्यक्ति शामिल हो गया हो तो भरवाएं।

फॉर्म 8: मतदाता के नाम/जानकारी में त्रुटि हो तो सुधार कराएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से बाहर नहीं रहना चाहिए।

ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति बेहतर, फिर भी लक्ष्य अधूरा

समीक्षा में सामने आया कि शहरी क्षेत्रों के मुकाबले ग्रामीण (देहात) क्षेत्रों में ‘एसआईआर’ की प्रगति बेहतर है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जहाँ भी कार्य शेष है, उसे अगले तीन दिनों की डेडलाइन में हर हाल में पूरा कराना होगा।

बैठक में उपस्थिति: इस महत्वपूर्ण बैठक में कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य, जयवीर सिंह, चौधरी लक्ष्मी नारायण और योगेंद्र उपाध्याय, सांसद राज कुमार चाहर समेत मंडल के सभी प्रमुख जनप्रतिनिधि और भाजपा संगठन पदाधिकारी मौजूद रहे।