
प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम ने सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी को सौंपे तथ्य; बोले- झाड़-झंखाड़ हटाकर सुरक्षित किया गया महिला छात्रावास, पर्यावरण के प्रति कॉलेज पूरी तरह प्रतिबद्ध।
आगरा। ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान आगरा कॉलेज पर लगे वृक्ष कटान के आरोपों को कॉलेज प्रशासन ने पूरी तरह से निराधार और तथ्यों से परे बताया है। शुक्रवार को सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (CEC) के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कॉलेज परिसर में किसी भी प्रतिबंधित या हरे वृक्ष को नुकसान नहीं पहुँचाया गया है, बल्कि संस्थान ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए 2000 से अधिक नए पौधे रोपे हैं।
प्रशासनिक अनुमति और विधिक प्रक्रिया का पालन
प्राचार्य ने समिति को अवगत कराया कि संबंधित कार्य को लेकर आगरा कॉलेज की प्रबंध समिति द्वारा बाकायदा प्रस्ताव पारित किया गया था। इस प्रस्ताव को आगरा के मंडलायुक्त (अध्यक्ष, प्रबंध समिति) और जिलाधिकारी (उपाध्यक्ष, प्रबंध समिति) के नेतृत्व में विधिवत अनुमोदन प्राप्त हुआ था। उन्होंने कहा कि कॉलेज का हर कदम कानून और नियमों के दायरे में था।
वन विभाग की रिपोर्ट: ‘वहां कोई वृक्ष था ही नहीं’
CEC को दी गई जानकारी के अनुसार, कार्य शुरू करने से पहले सक्षम अधिकारियों द्वारा दो बार स्थलीय निरीक्षण किया गया था।
जांच रिपोर्ट के मुख्य बिंदु: वन विभाग की जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि उस स्थान पर कोई भी हरा या संरक्षित वृक्ष मौजूद नहीं था।
झाड़ियों की सफाई: वहां केवल बेतरतीब झाड़ियां और खरपतवार थे, जो ‘उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम 1976’ के तहत वृक्ष की श्रेणी में नहीं आते।
सुरक्षित निर्माण: प्राचार्य ने बताया कि बाउंड्री निर्माण के दौरान बड़े वृक्षों को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया। जहां भी कोई बड़ा पेड़ आया, वहां बाउंड्री की दिशा बदलकर उसे बचाया गया।
सुरक्षा के लिए सफाई अनिवार्य थी
कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सफाई का मुख्य उद्देश्य परिसर की सुरक्षा था। महिला छात्रावास और कर्मचारी आवासों के पास घनी झाड़ियों के कारण विषैले जीव-जंतुओं और असामाजिक तत्वों का खतरा बना रहता था। छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ही इन झाड़ियों को हटाकर घेराबंदी की गई।
पर्यावरण संरक्षण: 5000 पौधों का लक्ष्य
आगरा कॉलेज ने केवल सफाई ही नहीं की, बल्कि हरित आवरण को बढ़ाने के लिए भी बड़ा अभियान छेड़ा है।
अब तक 2000 पौधों का रोपण कार्य पूरा किया जा चुका है।
आगामी समय में 5000 और पौधे लगाने का प्रस्ताव स्वीकृत है।
नई बाउंड्री के किनारे 900 मीटर के क्षेत्र में सघन पौधारोपण किया गया है।
“आगरा कॉलेज 100 साल से अधिक पुराना संस्थान है। हम न केवल शिक्षा बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। संस्थान की स्वच्छता और पर्यावरण समिति लगातार हरित परिसर के विकास पर काम कर रही है।” — प्रो. सी. के. गौतम, प्राचार्य




