नई दिल्ली | ​रविवार का दिन भारतीय इतिहास में एक नई इबारत लिख गया। करीब एक दशक में यह पहला मौका था जब संसद के गलियारे रविवार की छुट्टी के बावजूद बजट की गूंज से सराबोर थे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए आगामी पांच वर्षों के विकास का खाका खींच दिया है। मोदी 3.0 सरकार के इस बजट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब” करार दिया है।​

जहाँ एक ओर बुनियादी ढांचे (Infrastructure) पर रिकॉर्ड निवेश का वादा किया गया है, वहीं ग्रामीण रोजगार के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव की घोषणा की गई है। आइए जानते हैं इस बजट की मुख्य बातें और आपके जीवन पर इसके प्रभाव।​

1. ‘VB-G RAM JI‘: मनरेगा की जगह अब नई ग्रामीण रोजगार योजना​इस बजट का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला ऐलान ग्रामीण रोजगार को लेकर रहा। केंद्र सरकार ने दो दशक पुरानी मनरेगा (MGNREGA) योजना के स्थान पर ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी ‘वीबी-जी राम जी’ (VB-G RAM JI) को लागू करने का प्रस्ताव दिया है।​

इस नई योजना के लिए सरकार ने 95,692.31 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है। खास बात यह है कि जहाँ मनरेगा में 100 दिनों के काम की गारंटी थी, वहीं ‘वीबी-जी राम जी’ के तहत अब साल में 125 दिनों के रोजगार का वादा किया गया है। यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकने की एक बड़ी कोशिश मानी जा रही है।​

2. इंफ्रास्ट्रक्चर को रफ्तार: राजमार्ग मंत्रालय के लिए 3.09 लाख करोड़​देश की धमनियां कहे जाने वाले राजमार्गों के विस्तार के लिए सरकार ने अपनी तिजोरी खोल दी है। वित्त मंत्री ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के लिए 3.09 लाख करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव रखा है। यह पिछले साल के मुकाबले लगभग 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को भी अब 1.87 लाख करोड़ रुपये मिलेंगे, जिससे देश के सुदूर इलाकों तक एक्सप्रेसवे का जाल बिछाने में तेजी आएगी।​

3. रक्षा और सुरक्षा: सेना के आधुनिकीकरण पर जोर​’ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के बाद रक्षा क्षेत्र में बड़े निवेश की उम्मीद पहले से ही थी। सरकार ने रक्षा मंत्रालय को 7.8 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इसमें से 2.19 लाख करोड़ रुपये विशेष रूप से सेना के आधुनिकीकरण और नए हथियारों की खरीद (Capital Expenditure) के लिए रखे गए हैं। यह कदम सीमाओं पर सुरक्षा चाक-चौबंद करने और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता (Atmanirbharta) को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।

​4. मिडिल क्लास की उम्मीदें और टैक्स का गणित

​मध्यम वर्ग के लिए यह बजट मिला-जुला रहा। आयकर दाताओं को स्टैंडर्ड डिडक्शन में बढ़ोतरी (75,000 से 1 लाख) की उम्मीद थी, लेकिन इस मोर्चे पर कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। हालांकि, कैंसर और शुगर समेत 17 जीवन रक्षक दवाओं पर सीमा शुल्क (Custom Duty) खत्म करने से आम आदमी को बड़ी राहत मिली है।

​क्या सस्ता हुआ, क्या महंगा?​

सस्ता: मोबाइल फोन, चार्जर, जूते-चप्पल, स्मार्टफोन के पार्ट्स और जरूरी दवाएं।​महंगा: खनिज, स्क्रैप, शराब और वायदा कारोबार (Futures Trading) करना अब महंगा पड़ेगा।

​इसके अलावा, छोटे करदाताओं के लिए कर प्रक्रिया को पूरी तरह से ‘नियम-आधारित स्वचालित’ (Rule-based automated) बनाने का प्रस्ताव है, जिससे टैक्स फाइलिंग की जटिलता कम होगी।​

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5. किसानों और युवाओं के लिए ‘हाई-टेक’ सौगात

​किसानों के लिए सरकार ने ‘AI एग्री टूल’ लॉन्च करने की घोषणा की है, जो फसलों की पैदावार बढ़ाने में मदद करेगा। नारियल और चंदन जैसी हाई-वैल्यू फसलों के लिए ‘कोकोनट प्रोत्साहन योजना’ से करीब 3 करोड़ लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।​शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में:​15,000 स्कूलों में ‘कंटेंट लैब’ स्थापित की जाएगी।​

5 प्रमुख औद्योगिक केंद्रों के पास ‘यूनिवर्सिटी टाउनशिप’ बनाई जाएगी।​

5 नए मेडिकल हब में प्राइवेट सेक्टर के साथ मिलकर आयुष और डायग्नोस्टिक सेवाएं दी जाएंगी।​

शेयर बाजार में ‘ब्लैक संडे’ का साया

​बजट भाषण के बीच ही शेयर बाजार से निराश करने वाली खबरें आईं। वित्त मंत्री के कुछ प्रस्तावों, विशेषकर वायदा कारोबार पर टैक्स के असर के चलते सेंसेक्स में भारी गिरावट दर्ज की गई। बजट के बाद सेंसेक्स 1600 से अधिक अंक टूटकर 80,804 के स्तर पर आ गया। निवेशकों में इस गिरावट को लेकर चिंता देखी जा रही है।​

निष्कर्ष: क्या यह बजट वाकई ‘विकसित भारत’ की नींव है?​बजट 2026-27 स्पष्ट रूप से दो नावों पर सवार दिखने की कोशिश कर रहा है—एक तरफ इंफ्रास्ट्रक्चर और डिफेंस पर भारी खर्च के जरिए विकास की रफ्तार, और दूसरी तरफ ‘वीबी-जी राम जी’ जैसी योजनाओं के जरिए ग्रामीण भारत को मजबूती। जहाँ मिडिल क्लास को सीधे टैक्स छूट न मिलने से थोड़ी निराशा हुई है, वहीं दवाओं और गैजेट्स के सस्ता होने से राहत भी मिली है। प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, यह बजट फिस्कल डेफिसिट (राजकोषीय घाटा) को कम करते हुए हाई ग्रोथ का एक बेहतरीन संतुलन है।​

पाठकों से सवाल:आपको क्या लगता है, ‘मनरेगा’ की जगह नई ‘वीबी-जी राम जी’ योजना ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने में कितनी कारगर साबित होगी? अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।