आगरा: ताजनगरी के सबसे व्यस्ततम इलाकों में से एक, भगवान टाकीज चौराहे पर रविवार की दोपहर उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब एक तेज रफ्तार हरियाणा रोडवेज की बस ने फ्लाईओवर के नीचे सो रहे एक युवक को बेरहमी से कुचल दिया। हादसा इतना भीषण था कि युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस का पहिया युवक के सिर के ऊपर से गुजर गया, जिससे उसे संभलने तक का मौका नहीं मिला।​

दोपहर की सुस्ती के बीच पसरा मातम

​रविवार का दिन और दोपहर का समय होने के कारण चौराहे पर आम दिनों के मुकाबले थोड़ी शांति थी, लेकिन भगवान टाकीज जैसे व्यस्त पॉइंट पर वाहनों की आवाजाही निरंतर जारी थी। इसी दौरान हरियाणा रोडवेज की एक बस फ्लाईओवर के नीचे से यू-टर्न ले रही थी या गुजर रही थी। तभी चालक की लापरवाही कहें या युवक की बदकिस्मती, बस का भारी-भरकम पहिया वहां सो रहे एक अज्ञात युवक के ऊपर चढ़ गया।

​मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि जैसे ही हादसा हुआ, आसपास खड़े लोगों की रूह कांप गई। बस के नीचे दबने से युवक का शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया था।​

ड्राइवर की लापरवाही या अंधा मोड़?​

हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। चश्मदीदों का आरोप है कि बस चालक ने मुड़ते समय सावधानी नहीं बरती। अक्सर फ्लाईओवर के नीचे बेसहारा लोग या मजदूर आराम करने के लिए लेट जाते हैं। बस चालक को मोड़ काटते समय नीचे का हिस्सा स्पष्ट दिखाई नहीं दिया और यह हृदयविदारक घटना घट गई। हादसे के बाद कुछ पल के लिए यातायात भी बाधित रहा, क्योंकि लोग गुस्से में जमा हो गए थे।

​पुलिस की त्वरित कार्रवाई और शव का पंचनामा

​घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने तुरंत स्थिति को संभाला और भीड़ को हटाया ताकि यातायात सुचारू रूप से चल सके। पुलिस कर्मियों ने युवक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अब मृतक की शिनाख्त करने की कोशिश कर रही है, क्योंकि मौके से उसकी पहचान से जुड़ा कोई पुख्ता दस्तावेज तुरंत बरामद नहीं हुआ है।​

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बस को कब्जे में लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और बस चालक के खिलाफ उचित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि हादसे की असल वजह और चालक की भूमिका को स्पष्ट किया जा सके।

​भगवान टाकीज चौराहे पर सुरक्षा का सवाल

​यह हादसा एक बार फिर शहर के प्रमुख चौराहों पर सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन पर सवाल खड़े करता है। भगवान टाकीज चौराहा आगरा का एक ऐसा जंक्शन है जहाँ से दिल्ली, मथुरा, और कानपुर की ओर जाने वाले वाहनों का भारी दबाव रहता है। फ्लाईओवर के नीचे लोगों का सोना या अतिक्रमण करना अक्सर हादसों को दावत देता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि प्रशासन फ्लाईओवर के नीचे सुरक्षा घेरा या उचित निगरानी रखे, तो ऐसे जानलेवा हादसों को रोका जा सकता है।

पाठकों के लिए एक प्रश्न: :- क्या आपको लगता है कि फ्लाईओवर के नीचे बेसहारा लोगों का सोना उनकी सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है? ऐसे हादसों को रोकने के लिए प्रशासन को क्या सख्त कदम उठाने चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर दें।