
अगर आपका बैंक से जुड़ा कोई भी महत्वपूर्ण काम लंबित है, तो उसे टालने की गलती न करें। आने वाले दिनों में आपको बैंक की शाखाओं पर ताले लटके मिल सकते हैं। इस सप्ताह के अंत से लेकर अगले सप्ताह की शुरुआत तक बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित होने वाली हैं। शनिवार से लेकर मंगलवार तक, यानी लगातार चार दिनों तक बैंकों में कामकाज नहीं होगा। इसमें सरकारी छुट्टियां और बैंक कर्मचारियों की एक बड़ी हड़ताल शामिल है।
क्यों बंद रहेंगे बैंक? जानिए छुट्टियों का पूरा गणित
अक्सर लोग बैंक जाने की योजना अंतिम समय पर बनाते हैं, लेकिन इस बार की स्थिति थोड़ी अलग है। छुट्टियों का सिलसिला शनिवार, 24 जनवरी से शुरू हो रहा है। महीने का चौथा शनिवार होने के कारण बैंकों में अवकाश रहेगा। इसके ठीक बाद रविवार, 25 जनवरी को साप्ताहिक अवकाश है।
सोमवार, 26 जनवरी को पूरा देश गणतंत्र दिवस का उत्सव मनाएगा, जिसके कारण राष्ट्रीय अवकाश रहेगा। संकट यहीं खत्म नहीं होता; मंगलवार, 27 जनवरी को बैंक कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर देशव्यापी हड़ताल पर जा रहे हैं। इस प्रकार, अब सीधे बुधवार, 28 जनवरी को ही बैंकों के शटर खुलेंगे।
27 जनवरी को हड़ताल: ‘5-डे वर्किंग’ की मांग पर अड़े कर्मचारी
मंगलवार को होने वाली इस हड़ताल के पीछे बैंक कर्मचारियों की एक पुरानी और प्रमुख मांग है— सप्ताह में केवल पांच दिन काम (5-Day Banking)। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के नेतृत्व में कर्मचारी लंबे समय से यह मांग कर रहे हैं कि उन्हें भी कॉर्पोरेट और केंद्र सरकार के अन्य विभागों की तरह शनिवार और रविवार की छुट्टी दी जाए।
लीड बैंक मैनेजर अंकित सहगल के अनुसार, सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के बीच इस मुद्दे पर सैद्धांतिक सहमति तो बन चुकी है, लेकिन इसे धरातल पर लागू करने में देरी हो रही है। डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज (DFS) द्वारा इस मामले को लटकाए जाने से कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। विरोध स्वरूप, आगरा के संजय प्लेस से शहीद स्मारक तक पैदल मार्च निकालकर कर्मचारियों ने अपनी एकजुटता का प्रदर्शन भी किया है।
जनता पर क्या होगा असर?
लगातार चार दिन बैंक बंद रहने का सीधा असर आम जनता की जेब और जरूरी कामों पर पड़ेगा।
चेक क्लीयरेंस: अगर आपने किसी को चेक जारी किया है या आपको कोई चेक मिला है, तो उसकी क्लीयरेंस अब 28 जनवरी के बाद ही संभव हो पाएगी।
कैश की किल्लत: लगातार छुट्टियों के कारण एटीएम (ATM) में कैश की कमी हो सकती है। हालांकि बैंक कैश रिफिलिंग की कोशिश करते हैं, लेकिन भारी मांग के चलते मशीनें खाली हो सकती हैं।
व्यापारिक लेनदेन: व्यापारियों को बड़े लेनदेन और ड्राफ्ट बनवाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
डिजिटल बैंकिंग का लें सहारा
भले ही बैंक की शाखाएं बंद हों, लेकिन राहत की बात यह है कि डिजिटल बैंकिंग सेवाएं जैसे नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और UPI (Google Pay, PhonePe, Paytm) चौबीसों घंटे चालू रहेंगी। आप अपने छोटे-बड़े भुगतान इन माध्यमों से कर सकते हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि नकदी की समस्या से बचने के लिए आज ही पर्याप्त कैश निकाल लें ताकि सप्ताहांत और हड़ताल के दौरान कोई असुविधा न हो।
कर्मचारी नेताओं का कड़ा रुख
ऑल इंडिया पंजाब नेशनल बैंक ऑफिसर एसोसिएशन के मंडल सचिव परवेश कुमार ने स्पष्ट किया है कि यह हड़ताल केवल सांकेतिक नहीं है, बल्कि हक की लड़ाई है। उनका कहना है कि बैंकों में पहले ही काम के घंटे प्रतिदिन 90 मिनट तक बढ़ा दिए गए हैं, लेकिन पांच दिन की वर्किंग का वादा अभी भी अधूरा है। इस हड़ताल में सभी प्रमुख बैंक संगठनों के शामिल होने से कामकाज पूरी तरह ठप रहने की उम्मीद है।




