आगरा। मोहब्बत की निशानी ताजमहल के लिए दुनिया भर में मशहूर आगरा के पर्यटन मानचित्र पर आज एक और खूबसूरत अध्याय जुड़ गया है। ताजनगरी फेस-2 स्थित जोनल पार्क अब नए अवतार में ‘गीत गोविंद वाटिका’ के रूप में पर्यटकों का स्वागत करने के लिए तैयार है। शुक्रवार को प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री व जनपद प्रभारी जयवीर सिंह ने इस भव्य वाटिका का लोकार्पण कर इसे जनता को समर्पित किया।

​लगभग 17.6 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैली यह वाटिका न केवल आगरा के लोगों के लिए सुबह की सैर का ठिकाना बनेगी, बल्कि बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए भी शाम बिताने का एक शानदार गंतव्य साबित होगी।

​12 करोड़ की लागत से निखरी ब्रज की संस्कृति

​आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) द्वारा विकसित की गई इस वाटिका पर करीब 1218.42 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। इसे महज एक पार्क की तरह नहीं, बल्कि एक ‘अनुभव’ की तरह तैयार किया गया है। यहाँ कदम रखते ही आपको ब्रज की संस्कृति और भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का जीवंत अहसास होगा। थीम सौंदर्यीकरण और अत्याधुनिक लाइटिंग के जरिए पार्क को एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र का रूप दिया गया है।

​कालिया नाग से कुरुक्षेत्र तक: मूर्तिकला का अद्भुत संगम

​गीत गोविंद वाटिका की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ स्थापित किए गए स्कल्पचर (मूर्तियां) हैं। पार्क के भीतर टहलते हुए आप द्वापर युग की कहानियों को सजीव होते देखेंगे। यहाँ मुख्य आकर्षणों में शामिल हैं:

  • कालिया नाग और गोवर्धन पर्वत: भगवान कृष्ण की वीरता को दर्शाती प्रतीकात्मक संरचनाएं।
  • माखन मटका और मोर: ब्रज के पारंपरिक परिवेश को दर्शाने वाले कलात्मक स्तंभ।
  • कुरुक्षेत्र का दृश्य: महाभारत के युद्ध और गीता के उपदेशों को दर्शाती विशेष गैलरी।
  • सैंड स्टोन जाली और पिलर: आगरा की ऐतिहासिक वास्तुकला को ध्यान में रखते हुए यहाँ नक्काशीदार पत्थर की जालियां और पिलर लगाए गए हैं, जो इसे एक शाही लुक देते हैं।

​शाम को दिखेगा लेजर और लाइट शो का जादू

​अगर आप शाम के समय इस वाटिका में आते हैं, तो यहाँ का म्यूजिकल फाउंटेन और लेजर शो आपका दिल जीत लेगा। अत्याधुनिक लाइट एंड साउंड शो के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके लिए पार्क में एक भव्य ‘ओपन एम्फीथिएटर’ का निर्माण भी किया गया है, जहाँ बैठकर सैकड़ों लोग एक साथ इस डिजिटल शो का आनंद ले सकेंगे। रात की रोशनी में जगमगाती डेकोरेटिव लाइट्स इस जगह को किसी जादुई दुनिया जैसा अहसास कराती हैं।

​’तुलसी वाटिका’ बढ़ाएगी सेहत और शुद्धि

​पर्यावरण और अध्यात्म को जोड़ते हुए यहाँ एक विशेष ‘तुलसी वाटिका’ भी विकसित की गई है। इस खंड में तुलसी की दुर्लभ प्रजातियों को रोपित किया गया है। इनमें रामा तुलसी, श्यामा तुलसी, वागा तुलसी, श्वेता और विमला तुलसी शामिल हैं। यह न केवल वातावरण को शुद्ध करेगी, बल्कि आने वाले लोगों को आयुर्वेद और हमारी प्राचीन वनस्पतियों से भी परिचित कराएगी।

​फतेहपुर सीकरी में भी सुविधाओं का विस्तार

​प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह ने केवल शहर ही नहीं, बल्कि फतेहपुर सीकरी को भी सौगातें दीं। सीकरी स्थित गुलिस्तां पार्किंग में 84.87 लाख रुपये की लागत से हुए विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया। पर्यटकों की सुविधा के लिए यहाँ संपर्क मार्गों का सुदृढ़ीकरण, स्टोन वर्क, टाइल्स वर्क और बैठने के लिए स्टेनलेस स्टील (SS) की बेंच लगाई गई हैं। पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए साफ-सफाई के लिए आधुनिक डस्टबीन भी स्थापित किए गए हैं।

​निष्कर्ष: आगरा के पर्यटन को मिलेगी नई दिशा

​ताजमहल और आगरा किले के दीदार के बाद अक्सर पर्यटक शाम को किसी शांत और सुंदर जगह की तलाश में रहते थे। गीत गोविंद वाटिका उस कमी को पूरा करेगी। यह स्थान बच्चों के ज्ञानवर्धन, बुजुर्गों के सुकून और युवाओं के लिए फोटोग्राफी का बेहतरीन स्पॉट बनकर उभरेगा। सरकार का यह कदम स्थानीय रोजगार और पर्यटन उद्योग को निश्चित रूप से नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

पाठकों के लिए एक सवाल:

क्या आपको लगता है कि गीत गोविंद वाटिका जैसे प्रोजेक्ट्स आगरा में पर्यटकों के रुकने का समय (Night Stay) बढ़ाने में मददगार साबित होंगे? अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं!