आगरा के रसोई घरों में अब गैस सिलेंडर खत्म होने की चिंता जल्द ही बीते दौर की बात होने वाली है। एक तरफ जहां शहर के कई हिस्सों में एलपीजी (LPG) सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर उपभोक्ताओं को भाग-दौड़ करनी पड़ रही है, वहीं दूसरी ओर पाइप नेचुरल गैस (PNG) एक सुरक्षित और सुलभ विकल्प बनकर उभरी है। ताजनगरी के निवासियों के लिए अच्छी खबर यह है कि ग्रीन गैस लिमिटेड ने अब कनेक्शन देने की प्रक्रिया को इतना तेज कर दिया है कि आवेदन के मात्र 3 से 6 दिनों के भीतर आपके घर में पीएनजी की लाइन चालू हो सकती है।

​इन इलाकों में बिछ चुकी है पाइपलाइन, अब घर-घर पहुंचेगी गैस

​आगरा के बुनियादी ढांचे में पिछले कुछ वर्षों में बड़ा बदलाव आया है। ग्रीन गैस कंपनी ने शहर के पॉश और घनी आबादी वाले इलाकों में अपनी पाइपलाइन का जाल फैला दिया है। विशेष रूप से दयालबाग, कमला नगर, सिकंदरा, शास्त्रीपुरम और फतेहाबाद रोड जैसे क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा पूरी तरह तैयार है।

​इन क्षेत्रों में रहने वाले हजारों परिवार अब एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी के झंझट से मुक्त हो सकते हैं। कंपनी का लक्ष्य आगामी 30 जून तक शहर में 25 हजार नए कनेक्शन जोड़ने का है। वर्तमान में आगरा में लगभग 1.05 लाख उपभोक्ता पहले से ही इस सेवा का लाभ उठा रहे हैं।

​पंजीकरण की प्रक्रिया: बस एक कॉल और काम शुरू

​नया पीएनजी कनेक्शन लेने की प्रक्रिया को बेहद सरल और पारदर्शी बनाया गया है। यदि आप ऊपर बताए गए क्षेत्रों में रहते हैं और आपके घर तक अभी पीएनजी नहीं पहुंची है, तो आपको बस एक फोन कॉल करना होगा।

  • संपर्क सूत्र: पंजीकरण के लिए ग्रीन गैस कंपनी ने आधिकारिक नंबर 6390905004 जारी किया है।
  • पंजीकरण शुल्क: नया कनेक्शन लेने के लिए उपभोक्ताओं को 6000 रुपये का शुल्क जमा कराना होगा। यह निवेश न केवल भविष्य में आपकी रसोई के खर्च को कम करेगा, बल्कि सिलेंडर फटने या लीकेज जैसी दुर्घटनाओं के खतरे को भी न्यूनतम कर देगा।

​जरूरी दस्तावेज: क्या-क्या कागजात होंगे तैयार?

​प्रक्रिया को तेज करने के लिए यह आवश्यक है कि आवेदक अपने सभी दस्तावेज पहले से तैयार रखें। आवेदन के समय निम्नलिखित दस्तावेजों की छाया प्रति (Photocopy) अनिवार्य है:

  1. पहचान पत्र: आधार कार्ड।
  2. पते का प्रमाण: बिजली का बिल, हाउस टैक्स की रसीद या जलकल का बिल।
  3. स्वामित्व प्रमाण: मकान की रजिस्ट्री की फोटोकॉपी।
  4. किराएदारों के लिए: यदि आप किराए के मकान में रहते हैं, तो आपको अपने मकान मालिक से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेना होगा।
  5. एलपीजी सरेंडर सर्टिफिकेट: पीएनजी कनेक्शन तभी चालू किया जाएगा जब आप अपने मौजूदा एलपीजी गैस कनेक्शन को सरेंडर करने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करेंगे।

​6 दिन का वादा: पुराने बंद पड़े कनेक्शन भी होंगे शुरू

​ग्रीन गैस लिमिटेड ने अपनी कार्यप्रणाली में तेजी लाते हुए उपभोक्ताओं को भरोसा दिलाया है कि औपचारिकताएं पूरी होने के बाद 3 से 6 कार्य दिवसों के भीतर गैस चूल्हा पीएनजी से जलने लगेगा। इसके अलावा, कंपनी उन उपभोक्ताओं पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है जिन्होंने पहले कनेक्शन तो ले लिया था, लेकिन किन्हीं कारणों से उनकी गैस सेवा शुरू नहीं हो पाई थी। ऐसे ‘पेंडिंग’ कनेक्शनों को भी प्राथमिकता के आधार पर चालू किया जा रहा है।

​क्यों बेहतर है एलपीजी से पीएनजी?

​पीएनजी न केवल सस्ती है, बल्कि यह एलपीजी की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षित भी है। इसमें सिलेंडर खत्म होने का डर नहीं रहता और न ही आपको डिलीवरी मैन का इंतजार करना पड़ता है। यह हवा से हल्की होती है, जिससे लीकेज की स्थिति में यह कमरे में जमा होने के बजाय हवा में उड़ जाती है, जिससे आग लगने का खतरा कम हो जाता है। साथ ही, इसका बिल भी उतना ही आता है जितना आप उपयोग करते हैं।