
आगरा। ताजनगरी के सिकंदरा थाना क्षेत्र से एक ऐसी मर्मस्पर्शी घटना सामने आई है, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। शनिवार की आधी रात एक बेटे के लिए किसी बुरे सपने जैसी साबित हुई, जब उसने अपनी आँखों के सामने अपने पिता को मौत के आगोश में जाते देखा। तेज रफ्तार के कहर ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियाँ पल भर में छीन लीं। सिकंदरा तिराहे पर हुए इस भीषण हादसे में डीवीवीएनएल (DVVNL) के जूनियर इंजीनियर (जेई) शैलेन्द्र सिंह की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
ड्यूटी से लौट रहे थे घर, रास्ते में खड़ा था काल
मृतक शैलेन्द्र सिंह (48 वर्ष), जो दहतोरा रोड स्थित ब्रज द्वारिका कॉलोनी के निवासी थे, मथुरा के छटीकरा में दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (DVVNL) में जूनियर इंजीनियर के पद पर तैनात थे। परिजनों के मुताबिक, शैलेन्द्र सिंह बेहद सरल स्वभाव के व्यक्ति थे और अपने काम के प्रति पूरी तरह समर्पित थे। पिछले करीब दस दिनों से उनकी कार खराब थी, जिसके कारण वे बस से ही ड्यूटी पर आना-जाना कर रहे थे। शनिवार रात भी वे अपनी शिफ्ट पूरी कर बस से आगरा लौटे थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह उनका आखिरी सफर होगा।
बेटे की आँखों के सामने ही सब कुछ खत्म हो गया
शैलेन्द्र सिंह का बेटा राजन सिंह, जो पेशे से एक बैडमिंटन कोच है, रोज की तरह अपने पिता को लेने के लिए बाइक से सिकंदरा तिराहे पर पहुँचा था। रात के करीब 12 बज रहे थे। राजन ने देखा कि उसके पिता बस से उतरे और सड़क पार कर उसकी ओर बढ़ रहे थे। दोनों की नजरें मिलीं ही थीं कि तभी अंधेरे को चीरते हुए एक तेज रफ्तार अज्ञात ट्रक काल बनकर आया।
राजन ने बताया, “मैंने पापा को अपनी ओर आते देखा ही था कि तभी एक ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। सब कुछ इतनी जल्दी हुआ कि मुझे संभलने का मौका तक नहीं मिला।” टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि शैलेन्द्र सिंह सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर चोटों के कारण उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
फरार ट्रक चालक की तलाश में जुटी पुलिस
हादसे को अंजाम देने के बाद ट्रक चालक वाहन समेत अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। वहां मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सिकंदरा थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस अब घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपी ट्रक और उसके चालक की पहचान की जा सके। थाना प्रभारी का कहना है कि जल्द ही ट्रक को ट्रेस कर चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
परिवार में मचा कोहराम, टूट गया खुशियों का आशियाना
जेई शैलेन्द्र सिंह अपने परिवार के एकमात्र सहारा थे। उनकी मौत की खबर जैसे ही ब्रज द्वारिका कॉलोनी स्थित उनके घर पहुँची, वहां चीख-पुकार मच गई। पत्नी नीलम और दोनों बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस बेटे ने अपनी आँखों से पिता को खोते देखा, वह सदमे में है। मोहल्ले के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं। एक जिम्मेदार अधिकारी और एक अच्छे पिता के रूप में शैलेन्द्र सिंह की कमी उनके परिवार को हमेशा खलेगी।
आगरा में बढ़ते हादसों ने खड़े किए सवाल
सिकंदरा तिराहा आगरा के सबसे व्यस्ततम चौराहों में से एक है। रात के समय भारी वाहनों की अनियंत्रित गति अक्सर यहाँ हादसों का कारण बनती है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि रात के समय ट्रकों की रफ्तार पर कोई अंकुश नहीं होता, जिसके कारण पैदल चलने वाले राहगीर हमेशा खतरे में रहते हैं। पुलिस की गश्त और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी मासूम जिंदगियों पर भारी पड़ रही है।
पाठकों से सवाल: क्या आपको लगता है कि रात के समय शहरों के भीतर भारी वाहनों की गति सीमा तय करने के लिए प्रशासन को और सख्त कदम उठाने चाहिए? अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।




