
आगरा: ताजनगरी के पास यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे मिली एक युवती की लाश ने जिस राज से पर्दा उठाया है, उसने रूह कंपा दी है। यह सिर्फ एक मर्डर केस नहीं, बल्कि वासना, काले कारोबार और रिश्तों के कत्ल की एक ऐसी दास्तान है जिसे सुनकर कोई भी सिहर उठे। महोबा की रहने वाली 25 वर्षीय सोनाली की हत्या के पीछे उसके प्रेमी सनी का हाथ था, जो उसे ‘एडल्ट फिल्मों’ और ‘देह व्यापार’ के दलदल में धकेलना चाहता था।
इस कहानी में सबसे हैरान करने वाला मोड़ तब आया जब पता चला कि आरोपी सनी का दोस्त ही उसका ‘सौतेला बाप’ बन गया था और इस पूरे परिवार ने मिलकर एक युवती की जिंदगी का अंत कर दिया।
अश्लील फिल्मों का कारोबार और विरोध की कीमत
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी सनी ने कबूला है कि वह दिल्ली और आसपास के इलाकों में शॉर्ट एडल्ट मूवी (पार्न फिल्में) बनाने का काम करता था। इसके लिए वह अक्सर किराए पर होटल और कमरे लेता था। इन कमरों में लड़कियों का आना-जाना लगा रहता था, जिसके कारण स्थानीय लोग अक्सर विरोध करते थे। जैसे ही विरोध बढ़ता, सनी अपना ठिकाना बदल लेता था।
सनी सोनाली के साथ दिल्ली में लिव-इन में रह रहा था। सोनाली को धीरे-धीरे सनी के इस गंदे धंधे की भनक लग गई। सनी चाहता था कि सोनाली भी इन अश्लील फिल्मों में काम करे और देह व्यापार के जरिए पैसा कमाए। लेकिन सोनाली ने इसका कड़ा विरोध किया। यही विरोध उसकी मौत का कारण बन गया।
दोस्त बना सौतेला बाप: रिश्तों का उलझा हुआ ताना-बाना
इस हत्याकांड में रिश्तों की जो परतें खुली हैं, वे किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं हैं। सनी पिछले तीन साल से सोनाली के साथ था। इसी दौरान सनी का एक दोस्त, सनी की मां के करीब आ गया। दोनों के बीच अफेयर शुरू हुआ और फिर दोस्त ने सनी की मां से शादी कर ली। इस तरह सनी का दोस्त ही उसका सौतेला पिता बन गया।
जब सनी ने बुराड़ी (दिल्ली) में सोनाली का गला दबाकर हत्या की, तो उसने यह बात अपनी मां और सौतेले पिता (दोस्त) को बताई। पुलिस के अनुसार, इन दोनों ने कानून का साथ देने के बजाय सनी की मदद की और लाश को ठिकाने लगाने की योजना में शामिल हो गए।
यमुना में फेंकना था शव, थार लेकर निकला कातिल
हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए सनी ने एक लग्जरी ‘थार’ गाड़ी किराए पर ली। उसने सोचा था कि दिल्ली से आगरा के रास्ते में यमुना नदी आएगी और वह अंधेरे का फायदा उठाकर शव को नदी में फेंक देगा। वह दिल्ली से करीब 250 किलोमीटर दूर आगरा तक आ गया, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। उसे रास्ते में नदी नहीं मिली और पकड़े जाने के डर से उसने शव को यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे ही फेंक दिया और फरार हो गया।
AI की मदद से हुई पहचान: तकनीक ने खोला राज

6 फरवरी को जब पुलिस को लाश मिली, तो चेहरा इस कदर बिगड़ चुका था कि पहचान करना नामुमकिन था। लेकिन उत्तर प्रदेश पुलिस ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से सोनाली के चेहरे को ‘री-डेवलप’ किया गया। इसके बाद जब पोस्टर जारी हुए, तो महोबा के रहने वाले सोनाली के परिजनों ने उसकी शिनाख्त की।
सोनाली के जीजा संतकुमार ने बताया कि सोनाली की शादी 4 साल पहले हो चुकी थी, लेकिन वह सनी के प्यार में पड़कर घर छोड़ आई थी। उसे नहीं पता था कि जिसे वह प्यार समझ रही है, वह उसे नर्क के रास्ते पर ले जाना चाहता है।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
डीसीपी वेस्ट आदित्य कुमार ने बताया कि सनी की योजना दिल्ली से पंजाब भागने की थी, लेकिन सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से पुलिस ने उसे दबोच लिया। सनी ने अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया कि सोनाली उस पर शादी का दबाव बना रही थी, जबकि वह अपनी दूसरी गर्लफ्रेंड से शादी करना चाहता था। साथ ही, सोनाली ने धमकी दी थी कि वह सनी के सेक्स रैकेट का पर्दाफाश कर देगी, जिससे डरकर सनी ने उसे रास्ते से हटाने का फैसला किया।



