
आगरा। ताजनगरी आगरा से ममता को शर्मसार कर देने वाली एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। एक मां, जिसे बच्चों का सबसे सुरक्षित आश्रय माना जाता है, वही अपनी 2 साल की मासूम बेटी की कातिल बन गई। थाना छत्ता क्षेत्र के यमुना आरती स्थल के पास एक नाली में मिली मासूम बच्ची की लाश के मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने उसकी सगी मां को गिरफ्तार किया है। हत्या की वजह और हत्या का तरीका इतना खौफनाक है कि सुनने वालों की रूह कांप जाए।
अवैध संबंध और गृहक्लेश बना मासूम की मौत का कारण
पुलिस की तफ्तीश और मृतका के पिता रामू धाकड़ के बयानों के अनुसार, यह पूरा मामला अवैध संबंधों और आपसी विवाद से जुड़ा है। नगला धाकरान निवासी रामू धाकड़ की शादी नवंबर 2023 में बिहार की रहने वाली ममता से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के जीवन में कलह शुरू हो गई। रामू का आरोप है कि ममता किसी गैर मर्द से फोन पर लंबी बातचीत करती थी और अक्सर बिना बताए घर से कहीं भी चली जाती थी।

मंगलवार की सुबह भी इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी। रामू अपने काम पर चला गया, जिसके बाद ममता ने एक खौफनाक साजिश रची। वह अपनी 2 साल की बेटी खुशी को ‘डॉक्टर को दिखाने’ के बहाने घर से लेकर निकली, लेकिन उसके इरादे कुछ और ही थे।
पहले पानी में डुबाया, फिर पत्थर से फोड़ा सिर
जांच में सामने आया कि ममता दोपहर से शाम तक बच्ची को लेकर शहर की गलियों में भटकती रही। शाम करीब 5 बजे वह यमुना आरती स्थल के पास लड्डू गोपाल की प्रतिमा के समीप पहुंची। जब वहां सन्नाटा पसरा, तो ममता ने ममता का गला घोंटते हुए अपनी ही बेटी को यमुना के पानी में डुबो दिया।
इतना ही नहीं, जब बच्ची पानी में डूबने के कारण बेहोश हो गई, तो मां का दिल नहीं पसीजा। उसने पास पड़े एक भारी पत्थर से मासूम के सिर पर वार किया ताकि उसके बचने की कोई गुंजाइश न रहे। हत्या के बाद उसने शव को पाइपलाइन के पास एक नाली में फेंक दिया और वहां से फरार होकर फिरोजाबाद चली गई।
पुलिस की मुस्तैदी और ‘कातिल मां’ की गिरफ्तारी
मंगलवार शाम करीब 7 बजे जब आरती स्थल के पास लोगों की आवाजाही बढ़ी, तो नाली में डूबे मासूम के शव पर राहगीरों की नजर पड़ी। सूचना मिलते ही थाना छत्ता पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और हुलिए के आधार पर तफ्तीश शुरू की।

मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब मंगलवार देर रात आरोपी ममता खुद घटनास्थल पर यह देखने पहुंची कि पुलिस क्या कार्रवाई कर रही है और क्या बच्ची सच में मर चुकी है। पुलिस को उस पर शक हुआ और हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पिता का छलका दर्द: “सिर्फ शक नहीं, यकीन था”
मृतक बच्ची के पिता रामू धाकड़ ने नम आंखों से बताया कि उसे अपनी पत्नी के व्यवहार पर पहले से ही संदेह था। रामू के मुताबिक, “वह फोन पर घंटों बात करती थी, जब मैं विरोध करता तो झगड़ती थी। मुझे अंदाजा नहीं था कि वह अपनी ही कोख से जन्मी बच्ची की जान ले लेगी।” एसीपी छत्ता शेषमणि उपाध्याय ने पुष्टि की है कि आरोपी महिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और मामले की कानूनी कार्यवाही पूरी की जा रही है।
निष्कर्ष (Conclusion)
आगरा की यह घटना समाज के गिरते नैतिक स्तर और रिश्तों में आती कड़वाहट का एक डरावना उदाहरण है। एक मां का अपने ही बच्चे के प्रति इतना हिंसक हो जाना यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या अवैध संबंधों और गुस्से का जुनून ममता से भी बड़ा हो गया है? कानून अपना काम करेगा, लेकिन इस मासूम ‘खुशी’ की जान जाने की भरपाई कभी नहीं हो पाएगी।
पाठकों के लिए प्रश्न:
आपके अनुसार, समाज में बढ़ती इस तरह की हिंसक प्रवृत्तियों और टूटते पारिवारिक रिश्तों के लिए मुख्य रूप से क्या जिम्मेदार है? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें।



