
आगरा। ताजनगरी के ग्रामीण इलाकों में बदमाशों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वे दिनदहाड़े वारदातों को अंजाम देने से भी नहीं हिचक रहे हैं। ताजा मामला आगरा के कस्बा फतेहाबाद का है, जहाँ शुक्रवार की शाम बाइक सवार तीन नकाबपोश बदमाशों ने एक बड़ी लूट को अंजाम दिया। बदमाशों ने न केवल पीड़ित की आंखों में मिर्च पाउडर डालकर 8 लाख रुपये से भरा बैग छीना, बल्कि विरोध करने पर उसे सड़क पर करीब 50 मीटर तक घसीटा भी।
यह पूरी घटना उस समय हुई जब एक परिवार अपना खेत बेचकर बैंक का कर्ज चुकाने की तैयारी कर रहा था। इस वारदात ने इलाके में दहशत फैला दी है और पुलिस की गश्त पर भी सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
खेत बेचकर चुकाना था बैंक का कर्ज, किस्मत को मंजूर था कुछ और
फतेहाबाद के गांव अई के रहने वाले भगवती प्रसाद के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। भगवती प्रसाद ने बैंक से करीब 3 लाख रुपये का ऋण लिया था, जो समय के साथ ब्याज समेत बढ़कर 8 लाख रुपये हो गया था। इस भारी-भरकम कर्ज के बोझ से मुक्ति पाने के लिए भगवती प्रसाद ने अपना कलेजा पत्थर कर अपना खेत बेचने का फैसला किया था।
शुक्रवार को खेत की रजिस्ट्री और अन्य कागजी कार्रवाई के बाद उनके पास 8 लाख रुपये आए थे। परिवार खुश था कि अब वे कर्जमुक्त हो जाएंगे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि बदमाशों की नजर उनके पसीने की कमाई पर पहले से ही जमी हुई थी।
फिल्मी अंदाज में दिया वारदात को अंजाम: आंखों में डाली मिर्च
घटना शुक्रवार शाम करीब 5 बजे की है। भगवती प्रसाद फतेहाबाद बाईपास रोड पर लगने वाले साप्ताहिक बाजार में कुछ घरेलू सामान खरीदने के लिए रुक गए थे। उन्होंने 8 लाख रुपये से भरा बैग अपने बेटे निहाल सिंह और छोटे भाई बच्चूसिंह को थमा दिया और उन्हें बाइक (स्प्लेंडर) से गांव जाने को कहा।
जैसे ही निहाल और बच्चूसिंह गांव अई के पास प्रेमचंद डीलर के घर के पास वाले मोड़ पर पहुंचे, पीछे से एक बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने उन्हें ओवरटेक किया। इससे पहले कि दोनों कुछ समझ पाते, बदमाशों ने उनकी आंखों में तीखी मिर्च का पाउडर झोंक दिया। आंखों में जलन के कारण निहाल सिंह ने बाइक का संतुलन खो दिया।
बेरहमी की पराकाष्ठा: 50 मीटर तक घसीटा, फिर दी जान से मारने की धमकी
लूट के दौरान बच्चूसिंह ने अदम्य साहस दिखाते हुए रुपयों से भरे बैग को मजबूती से पकड़ लिया। वे बदमाशों से गुत्थमगुत्था हो गए। लेकिन बदमाश हार मानने को तैयार नहीं थे। उन्होंने बाइक दौड़ानी शुरू कर दी, जबकि बच्चूसिंह ने बैग नहीं छोड़ा। इस छीना-झपटी में बदमाश उन्हें सड़क पर करीब 50 मीटर तक घसीटते हुए ले गए।
जब बदमाशों को लगा कि शोर मचने पर भीड़ इकट्ठा हो सकती है, तो उन्होंने बच्चूसिंह पर तमंचा तान दिया और गोली मारने की धमकी दी। जान बचाने की खातिर मजबूरन उन्हें बैग छोड़ना पड़ा, जिसके बाद बदमाश पलक झपकते ही रुपयों के साथ फरार हो गए।
पुलिस की कार्रवाई: सीसीटीवी फुटेज के सहारे सुराग की तलाश
वारदात की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर तरुण धीमान भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पीड़ित भगवती प्रसाद और बच्चूसिंह की हालत देखकर ग्रामीणों में भी भारी रोष देखा गया। पुलिस ने तुरंत नाकाबंदी की, लेकिन बदमाशों का कोई सुराग नहीं लगा।

फिलहाल, पुलिस फतेहाबाद बाईपास और गांव की ओर जाने वाले रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस को शक है कि कोई ऐसा व्यक्ति इस वारदात में शामिल हो सकता है जिसे खेत बेचने और मोटी रकम घर ले जाने की जानकारी पहले से थी।
आगरा में बढ़ता अपराध: आम आदमी कितना सुरक्षित?
आगरा के ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की लूट की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। दिनदहाड़े मिर्च पाउडर का इस्तेमाल कर लूट की यह कार्यप्रणाली (Modus Operandi) किसी शातिर गैंग की ओर इशारा करती है। पीड़ित परिवार अब दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है क्योंकि उनके पास न तो अब जमीन बची है और न ही कर्ज चुकाने के लिए पैसे।
निष्कर्ष (Conclusion)
फतेहाबाद की यह घटना बताती है कि अपराधियों के मन में कानून का खौफ खत्म होता जा रहा है। एक किसान जो अपनी जमीन बेचकर ईमानदारी से कर्ज चुकाना चाहता था, आज वह सड़क पर आ गया है। हालांकि पुलिस ने जल्द गिरफ्तारी का दावा किया है, लेकिन असली चुनौती उस रकम की बरामदगी और बदमाशों को सलाखों के पीछे भेजने की है।
पाठकों के लिए एक प्रश्न:
क्या आपको लगता है कि पुलिस की गश्त में कमी के कारण अपराधी इस तरह की दुस्साहसिक वारदातों को अंजाम देने में सफल हो रहे हैं? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।



