ताजनगरी का ऐतिहासिक आगरा कॉलेज एक बार फिर राष्ट्रभक्ति के रंग में सराबोर होने के लिए तैयार है। देश के 77वें गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर, सोमवार 26 जनवरी 2026 को महाविद्यालय के मुख्य परिसर में एक भव्य और गरिमामयी समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष का आयोजन न केवल सांस्कृतिक दृष्टि से, बल्कि बौद्धिक और संवैधानिक विमर्श के नजरिए से भी अत्यंत महत्वपूर्ण होने वाला है।​

मुख्य अतिथि: न्याय और ओजस्व का संगम

​इस वर्ष आगरा कॉलेज के प्रांगण में तिरंगा फहराने और युवाओं को प्रेरित करने के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति श्री शेखर कुमार यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। न्यायमूर्ति यादव अपनी प्रखर कार्यशैली और ओजस्वी वक्ता के रूप में पूरे प्रदेश में विख्यात हैं।​

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यह आयोजन कॉलेज के छात्रों के लिए एक दुर्लभ अवसर होगा, जहाँ वे न्यायपालिका के एक शीर्ष व्यक्तित्व से सीधे रूबरू हो सकेंगे। न्यायमूर्ति यादव का संबोधन मुख्य रूप से भारतीय संविधान की मूल भावना, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और युवाओं के नागरिक कर्तव्यों पर केंद्रित रहेगा।

​विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति बढ़ाएगी कार्यक्रम की शोभा​

कार्यक्रम की गरिमा को और अधिक बढ़ाने के लिए शिक्षा और न्याय जगत की कई अन्य हस्तियाँ भी मंच साझा करेंगी। विशिष्ट अतिथियों की सूची में शामिल हैं:​

सत्यजीत पाठक: अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जिनकी उपस्थिति कानून के छात्रों के लिए प्रेरणादायक होगी।

​प्रोफेसर रामनाथ झा: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), नई दिल्ली के संस्कृत एवं इंडिक स्टडीज विभाग के विभागाध्यक्ष। उनका ज्ञान भारतीय संस्कृति और आधुनिक शिक्षा के समन्वय पर नई रोशनी डालेगा।​विश्व

विश्व स्वरूप तिवारी: माननीय उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता, जो कानूनी बारीकियों और सामाजिक सरोकारों पर अपने विचार साझा करेंगे।​

कार्यक्रम की रूपरेखा और समय सारणी

​आगरा कॉलेज के मीडिया प्रभारी डॉ. गौरव कौशिक द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, समारोह का शुभारंभ प्रातः 9:30 बजे मुख्य अतिथि द्वारा ध्वजारोहण (Flag Hoisting) के साथ होगा। राष्ट्रगान की गूंज के साथ ही पूरा परिसर देशभक्ति के वातावरण में डूब जाएगा।​

ध्वजारोहण के ठीक बाद, महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा संक्षिप्त लेकिन प्रभावशाली सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से राष्ट्र की एकता, अखंडता और विविधता को प्रदर्शित किया जाएगा। तत्पश्चात, अतिथियों का उद्बोधन होगा, जो युवाओं में संवैधानिक चेतना जगाने का कार्य करेगा।​

प्राचार्य का संदेश: राष्ट्रप्रेम और अनुशासन की सीख

​आगरा कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर सी. के. गौतम ने इस आयोजन की तैयारियों का जायजा लेते हुए इसे कॉलेज के इतिहास का एक गौरवशाली अध्याय बताया। उन्होंने कहा:​

“गणतंत्र दिवस केवल एक सरकारी अवकाश नहीं है, बल्कि यह आत्म-चिंतन का दिन है। आगरा कॉलेज हमेशा से ही राष्ट्र निर्माण में अग्रणी रहा है। इस भव्य आयोजन का उद्देश्य हमारे विद्यार्थियों के भीतर न केवल राष्ट्रप्रेम की भावना भरना है, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करना भी है।

प्रोफेसर गौतम ने यह भी सुनिश्चित किया है कि कार्यक्रम पूर्ण अनुशासन और गरिमा के साथ संपन्न हो, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ कॉलेज की इस समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ा सकें।​

ऐतिहासिक महत्व और लोकतांत्रिक चेतना​

आगरा कॉलेज उत्तर भारत के सबसे पुराने शिक्षण संस्थानों में से एक है। यहाँ गणतंत्र दिवस मनाना महज एक औपचारिकता नहीं, बल्कि उस लोकतांत्रिक विरासत को सम्मान देना है जिसने इस देश को एक सूत्र में पिरोया है। जब न्यायपालिका और शिक्षा जगत के दिग्गज एक ही मंच पर जुटते हैं, तो वह समाज के लिए एक मजबूत संदेश होता है कि संविधान ही हमारा सर्वोच्च मार्गदर्शक है।