आगरा। शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और समाज सेवा की भावना जब युवाओं के मन में घर कर जाती है, तो एक विकसित राष्ट्र की नींव मजबूत होती है। इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए ऐतिहासिक आगरा कॉलेज, आगरा में बुधवार, 04 फरवरी 2026 को राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के सात दिवसीय विशेष शिविर का अत्यंत गरिमामयी और उत्साहपूर्ण वातावरण में शुभारंभ हुआ।​

इस सात दिवसीय यात्रा का उद्देश्य न केवल छात्रों को सामाजिक कार्यों से जोड़ना है, बल्कि उनके भीतर नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र प्रेम की भावना को जागृत करना भी है।​

दीप प्रज्वलन और सांस्कृतिक शुरुआत​

कार्यक्रम का आगाज परंपरा और आधुनिकता के संगम के साथ हुआ। मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय कार्यक्रम समन्वयक डॉ. पूनम तिवारी और प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम ने माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर समारोह की शुरुआत की। माँ सरस्वती की वंदना के बाद, NSS स्वयंसेवकों ने जब ऊर्जस्वित स्वर में लक्ष्यगीत प्रस्तुत किया, तो पूरा परिसर ‘स्वयं से पहले आप’ (Not Me But You) की भावना से गुंजायमान हो उठा।​

Not Me But You’: समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी​

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. पूनम तिवारी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का मूल मंत्र केवल एक वाक्य नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पद्धति है। उन्होंने स्वयंसेवकों को प्रेरित करते हुए कहा, “आज के समय में स्वच्छता, नो प्लास्टिक ज़ोन और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध लड़ना सबसे बड़ी राष्ट्र सेवा है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि एक स्वयंसेवक वह है जो बिना किसी स्वार्थ के समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की मदद के लिए तत्पर रहे।​

पर्यावरण संरक्षण: 5000 पौधों के रोपण का महासंकल्प

समारोह की अध्यक्षता कर रहे आगरा कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम ने पर्यावरण की वर्तमान चुनौतियों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि इस शिविर के दौरान और आगामी अवधि में NSS परिवार द्वारा 5000 पौधों का रोपण किया जाएगा।

​प्राचार्य ने कहा, “हम केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रह सकते। छात्रों को पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे धरातलीय मुद्दों से सक्रिय रूप से जुड़ना होगा।” उन्होंने स्पष्ट किया कि सात दिनों तक चलने वाले इस शिविर में स्वच्छता अभियान के साथ-साथ स्वास्थ्य शिविर, साक्षरता अभियान और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के लिए नुक्कड़ नाटक जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

​युवा सहभागिता और राष्ट्र निर्माण की चर्चा

​इस विशेष शिविर के पहले ही दिन स्वयंसेवकों का अनुशासन और उत्साह देखने लायक था। छात्रों ने केवल भाषण नहीं सुने, बल्कि बौद्धिक चर्चाओं में भी हिस्सा लिया। स्वयंसेवकों ने “सुनहरे भारत की राह” संगोष्ठी और “विकसित भारत बजट क्विज-2026” में बढ़-चढ़कर भाग लिया। यह प्रतियोगिताएं दर्शाती हैं कि आज का युवा देश की अर्थव्यवस्था और भविष्य की नीतियों को लेकर कितना जागरूक है।​

शिक्षक और आयोजकों की अहम भूमिका​

कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. सत्यदेव शर्मा और स्वयंसेवक शिवम सारस्वत ने किया। शिविर के सफल क्रियान्वयन में कार्यक्रम अधिकारियों—डॉ. आनंद प्रताप सिंह, डॉ. रवि शंकर सिंह, डॉ. अविनाश जैन और कु. ललिता सिंह का विशेष योगदान रहा।​

इस अवसर पर कॉलेज के वरिष्ठ प्रोफेसरों और विभागाध्यक्षों की उपस्थिति ने छात्रों का मनोबल बढ़ाया। मीडिया प्रभारी प्रो. गौरव कौशिक सहित प्रो. मृणाल शर्मा, प्रो. एस. के. गौतम, और दर्जनों अन्य शिक्षकों ने उपस्थित रहकर युवाओं का मार्गदर्शन किया। समापन सत्र में कार्यक्रम अधिकारी सुरेन्द्र पाल सिंह ने सभी अतिथियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।​