
आगरा | उत्तर प्रदेश के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने की दिशा में आज आगरा कॉलेज ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय, आगरा और आगरा कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘एक दिवसीय निःशुल्क मंडल स्तरीय वृहद रोजगार मेले’ ने ताजनगरी के शिक्षित युवाओं के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोल दिए हैं। कॉलेज के नवनिर्मित आचार्य गंगाधर शास्त्री मंडपम परिसर में आयोजित इस मेले में हजारों की संख्या में पहुंचे छात्र-छात्राओं का उत्साह देखते ही बनता था।
शिक्षा और रोजगार का संगम: 40 बड़ी कंपनियों ने दी दस्तक
आज की प्रतिस्पर्धी दुनिया में केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उस डिग्री का सही इस्तेमाल कर आत्मनिर्भर बनना असली चुनौती है। इसी चुनौती को स्वीकार करते हुए आगरा कॉलेज ने इस भव्य आयोजन की रूपरेखा तैयार की। मेले में निजी क्षेत्र की 40 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों ने भाग लिया।
बैंकिंग, आईटी, सेल्स, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर की इन कंपनियों ने लगभग 3200 रिक्त पदों के लिए सीधे साक्षात्कार आयोजित किए। सुबह 10 बजे से ही मंडपम परिसर युवाओं की भीड़ से खचाखच भर गया था। चयनित अभ्यर्थियों को कंपनियों द्वारा आगामी चरणों की औपचारिकताओं के बाद सीधे नियुक्ति-पत्र सौंपे जाएंगे।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने किया शुभारंभ: “हर हाथ को रोजगार” का संकल्प
कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन उत्तर प्रदेश शासन के माननीय उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेंद्र उपाध्याय द्वारा माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस गौरवशाली अवसर पर NCC कैडेट्स ने मंत्री जी को सलामी दी, जो कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा रहा था।
संबोधन के दौरान मंत्री जी भावुक नजर आए। उन्होंने आगरा कॉलेज के इतिहास को याद करते हुए कहा, “पंडित गंगाधर शास्त्री जी ने जिस भूमि को शिक्षा के लिए दान किया था, आज वही भूमि हजारों युवाओं के रोजगार का जरिया बन रही है। प्रदेश सरकार का संकल्प ‘हर हाथ को काम’ है और हम विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए युवाओं को सशक्त बनाने हेतु प्रतिबद्ध हैं।”
₹8,000 से ₹40,500 तक का वेतन: बिना किसी शुल्क के सीधा अवसर
सेवायोजन विभाग के सहायक निदेशक श्री चंद्रचूड़ दुबे ने इस आयोजन की बारीकियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के ‘रोजगार मिशन’ के तहत वर्ष 2020 से ही ऐसे मेलों का सिलसिला जारी है।
इस मेले की सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि इसमें शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों से कोई भी शुल्क नहीं लिया गया। उपलब्ध पदों के लिए वेतनमान ₹8,000 से लेकर ₹40,500 प्रति माह तक निर्धारित किया गया है, जो शुरुआती करियर के लिहाज से एक शानदार अवसर है।
आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार पर जोर
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे आगरा कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर सी. के. गौतम ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि कॉलेज केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि वह छात्रों के समग्र विकास और उनके करियर की सुरक्षा के लिए भी उत्तरदायी है। उन्होंने महाराजा अग्रसेन शोधपीठ की स्थापना और आगामी ‘अकादमिक स्टाफ कॉलेज’ की योजना के बारे में भी जानकारी साझा की।
वहीं, मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक दिनेश जी ने कहा कि सरकार के प्रयासों से अब रोजगार मांगने वालों के साथ-साथ रोजगार देने वाले (Job Creators) भी तैयार हो रहे हैं। स्वरोजगार की दिशा में बढ़ रहे कदम भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगे।
पर्यावरण और समाज सेवा का संदेश
इस अवसर पर केवल करियर ही नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों की भी झलक देखने को मिली। समाजसेवी हितेश लवानिया द्वारा कॉलेज को 5000 पौधे दान किए गए। कार्यक्रम के दौरान ही परिसर में वृक्षारोपण कार्य की शुरुआत की गई, जो इस आयोजन को ‘ग्रीन’ और प्रेरणादायक बनाता है।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख व्यक्तित्व
मंच का सफल संचालन प्रोफेसर शेफाली चतुर्वेदी द्वारा किया गया। इस अवसर पर जिला सेवायोजन अधिकारी (मथुरा) सुश्री सुगंधा जैन, जिला सेवायोजन अधिकारी (आगरा) सौरभ, उप-प्राचार्य प्रोफेसर पी. वी. झा, और कॉलेज के मीडिया प्रभारी प्रोफेसर गौरव कौशिक सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
युवाओं के लिए एक ठोस शुरुआत
आगरा कॉलेज का यह रोजगार मेला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि उन हजारों युवाओं की उम्मीदों का प्रतिबिंब है जो अपनी प्रतिभा को सही मंच देना चाहते थे। शिक्षा, पर्यावरण और रोजगार के इस त्रिवेणी संगम ने यह साबित कर दिया है कि यदि शिक्षण संस्थान और प्रशासन मिलकर प्रयास करें, तो बेरोजगारी जैसी समस्याओं का समाधान निश्चित है।



