
आगरा। आधुनिक युग में विज्ञान और तकनीक एक-दूसरे के पूरक बन चुके हैं। जहाँ एक ओर जीव विज्ञान (Biology) के रहस्य सुलझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उन रहस्यों को समझने की गति को कई गुना बढ़ा रहा है। इसी भविष्योन्मुखी सोच के साथ ऐतिहासिक आगरा कॉलेज के जंतु विज्ञान विभाग द्वारा 04 अप्रैल 2026 को “बायोइन्फॉर्मेटिक्स: ऑनलाइन रिसोर्सेस एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” विषय पर एक भव्य कार्यशाला का आयोजन किया गया।
यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों के लिए ज्ञान का केंद्र बना, बल्कि इसमें शिक्षा जगत की हस्तियों ने भविष्य की चुनौतियों और अवसरों पर भी विस्तार से चर्चा की।
दीप प्रज्वलन के साथ शैक्षणिक उत्सव का आगाज

कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ परंपरा और आधुनिकता के अद्भुत मेल के साथ हुआ। कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर सी. के. गौतम एवं जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अमिता सरकार ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर ज्ञान की इस यात्रा को शुरू किया। इस अवसर पर प्राचार्य प्रोफेसर गौतम ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि छात्रों को वैश्विक स्तर पर हो रहे तकनीकी बदलावों, विशेषकर बायोइन्फॉर्मेटिक्स के क्षेत्र में अपडेट रहना अनिवार्य है।
डॉ. शुभेंदु त्रिपाठी का व्याख्यान: AI सिर्फ भविष्य नहीं, वर्तमान है
कार्यशाला के मुख्य वक्ता, प्रख्यात विशेषज्ञ डॉ. शुभेंदु त्रिपाठी ने अपने व्याख्यान से छात्रों और प्राध्यापकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ को एक जटिल विषय के बजाय एक सरल उपकरण के रूप में प्रस्तुत किया। डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि कैसे एआई-आधारित एप्लिकेशन आज ड्रग डिस्कवरी, जेनेटिक इंजीनियरिंग और डेटा एनालिसिस में क्रांति ला रहे हैं।
उन्होंने विभिन्न टूल्स और उनके व्यावहारिक उपयोगों का प्रदर्शन करते हुए कहा, “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंसानी दिमाग की जगह नहीं ले सकता, लेकिन जो लोग इसका उपयोग करना जानते हैं, वे भविष्य में सबसे आगे होंगे।” विद्यार्थियों ने इस सत्र में बड़ी उत्सुकता दिखाई और तकनीकी बारीकियों को समझा।
मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान: प्रतिभाओं को मिला प्रोत्साहन
कार्यशाला का एक मुख्य आकर्षण मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत करना रहा। विभाग की ओर से विभिन्न श्रेणियों में शैक्षणिक उत्कृष्टता और अनुशासन के लिए पुरस्कार वितरित किए गए, जिससे परिसर में हर्ष का माहौल रहा।
प्रमुख पुरस्कार विजेता:
- सुधि सिंह अवार्ड: अंशिका यादव एवं अनुराग।
- मां शारदे अवार्ड: श्रद्धा अग्रवाल।
- मां बगीशा अवार्ड: दीपिका भदौरिया एवं हिमांशी शर्मा (एम.एससी. प्रथम वर्ष में उच्चतम अंक)।
- गंगाधर शास्त्री अवार्ड: पल्लवी (एम.एससी. फाइनल में उच्चतम अंक)।
- सर्वविद्या पंक्चुअलिटी अवार्ड: अनुष्का उपाध्याय।
- मां वागदेवी प्रमाणपत्र: निधि, इतिशा सिंह, तन्वी गोरख एवं निशा।
संगीत और संस्कृति: गीत प्रस्तुति ने बांधा समां
जहाँ एक ओर वैज्ञानिक चर्चाएं चल रही थीं, वहीं दूसरी ओर प्रोफेसर विश्वाकांत गुप्ता ने अपनी सुरीली गायकी से कार्यक्रम को एक सांस्कृतिक आयाम दिया। उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए सुंदर गीत ने सभागार में उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। वैज्ञानिक कार्यशाला में संगीत की इस मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि सर्वांगीण विकास के लिए तर्क और भावना दोनों का संतुलन आवश्यक है।
शिक्षाविदों की गरिमामयी उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण अवसर पर आगरा कॉलेज के वरिष्ठ प्राध्यापकगण उपस्थित रहे, जिनमें प्रोफेसर रचना सिंह, प्रोफेसर वी. के. सिंह, प्रोफेसर गौरव कौशिक (मीडिया प्रभारी), प्रोफेसर कल्पना चतुर्वेदी, प्रोफेसर आशीष, प्रोफेसर अल्पना ओझा और अन्य वरिष्ठ शिक्षक शामिल थे। कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. माधुरी यादव एवं डॉ. सत्यदेव शर्मा ने किया। अंत में डॉ. अचिंत वर्मा ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।



