उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) 2024 के परीक्षा परिणाम घोषित हो चुके हैं और इस बार ताजनगरी आगरा के युवाओं ने अपनी मेधा का लोहा मनवाया है। सफलता की इस सूची में आगरा के 6 होनहारों ने जगह बनाई है, जिनमें से 4 बेटियां हैं। इन परिणामों में सबसे अधिक चर्चा अर्जुन नगर के अभय सिंह राजपूत की हो रही है, जिन्होंने एक सुरक्षित करियर को दांव पर लगाकर प्रशासनिक सेवा का कठिन रास्ता चुना और आज एसडीएम (SDM) पद पर चयनित होकर मिसाल पेश की है।

​अभय सिंह राजपूत: बैंक की नौकरी से SDM तक का सफर

​सफलता अक्सर त्याग मांगती है और अभय सिंह राजपूत की कहानी इसका जीवंत उदाहरण है। अभय पहले से ही बैंक में प्रोबेशनरी ऑफिसर (PO) के पद पर तैनात थे, लेकिन उनके मन में कुछ बड़ा करने की टीस हमेशा बनी रहती थी। उनके बड़े भाई अजय सिंह राजपूत, जो वर्तमान में मुंबई सेंट्रल में IES (भारतीय इंजीनियरिंग सेवा) अधिकारी हैं, अभय के लिए सबसे बड़े प्रेरणास्रोत बने।

​भाई की सफलता से उत्साहित होकर अभय ने बैंक की नौकरी छोड़ने का साहसी निर्णय लिया और खुद को पूरी तरह से सिविल सेवा की तैयारी में झोंक दिया। दिन-रात की कड़ी मेहनत का परिणाम यह रहा कि अपने दूसरे ही प्रयास में उन्होंने SDM जैसी प्रतिष्ठित रैंक हासिल कर ली। अभय के पिता, जो रेलवे से सेवानिवृत्त हैं, अपने बेटे की इस उपलब्धि पर फूले नहीं समा रहे हैं।

​हरविंदर सिंह गुर्जर: गांव का नाम रोशन कर हासिल की 24वीं रैंक

​आगरा के जगनेर देहात क्षेत्र में भी आज जश्न का माहौल है। यहाँ के निवासी हरविंदर सिंह गुर्जर ने UPPSC परीक्षा में प्रदेश भर में 24वीं रैंक हासिल की है। विधोली रोड स्थित उनके आवास पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। हरविंदर के पिता प्रेम सिंह हर्षाना भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं। उनका कहना है कि बेटे के अनुशासन और कभी हार न मानने वाले जज्बे ने ही उसे आज इस मुकाम पर पहुँचाया है। ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर टॉप रैंक हासिल करना क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन गया है।

​बेटियों का दबदबा: काव्या, जैस्मिन, वैष्णवी और हिमिका ने लहराया परचम

​इस वर्ष के परिणामों में आगरा की बेटियों ने भी अपनी ताकत दिखाई है। अपर जिला जज कुंदन किशोर सिंह की सुपुत्री काव्या सिंह ने प्रशासनिक अधिकारी बनने के अपने बचपन के सपने को सच कर दिखाया है। काव्या का कहना है कि वे जनता की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहना चाहती थीं। उनकी माँ शशि लता ने बताया कि परिणाम देखते ही पूरे परिवार की आँखें खुशी से नम हो गईं।

​काव्या के अलावा आगरा शहर से अन्य तीन बेटियों ने भी इस कठिन परीक्षा को पास किया है:

  • जैस्मिन वर्मा: शास्त्रीपुरम की रहने वाली जैस्मिन ने अपनी एकाग्रता से यह मुकाम हासिल किया।
  • वैष्णवी शर्मा: बेलनगंज निवासी वैष्णवी की सफलता ने पुराने शहर के इलाके में खुशी की लहर दौड़ दी है।
  • हिमिका: दयालबाग की हिमिका ने भी चयनितों की सूची में अपना नाम दर्ज कराया है।

​आगरा में जश्न और भविष्य की उम्मीदें

​947 पदों के लिए आयोजित इस परीक्षा के परिणाम आने के बाद रविवार से ही आगरा के अलग-अलग मोहल्लों में मिठाइयां बांटी जा रही हैं। इन 6 उम्मीदवारों की सफलता यह दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन और दृढ़ संकल्प हो, तो किसी भी कठिन बाधा को पार किया जा सकता है। इन सभी युवाओं का मानना है कि उनकी सफलता केवल उनकी निजी जीत नहीं है, बल्कि उन माता-पिता के संघर्षों का फल है जिन्होंने उनकी पढ़ाई के लिए हर संभव सहयोग दिया।

​निष्कर्ष

​UPPSC 2024 के परिणामों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता। चाहे अभय सिंह राजपूत द्वारा बैंक की नौकरी छोड़कर जोखिम उठाना हो या हरविंदर की 24वीं रैंक, आगरा के इन युवाओं ने उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे में अपनी जगह पक्की कर ली है। आने वाले समय में ये युवा अधिकारी प्रदेश के विकास और जन-कल्याण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।