
आगरा। आज पूरा देश अपनी आजादी के लोकतांत्रिक सफर का उत्सव मना रहा है। इसी कड़ी में ताजनगरी आगरा में भी 77वां गणतंत्र दिवस पूरे देशभक्तिपूर्ण माहौल और उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही शहर की फिजाओं में ‘सारे जहाँ से अच्छा हिंदूस्तां हमारा’ की धुनें गूंज रही थीं। सरकारी दफ्तरों से लेकर शैक्षणिक संस्थानों तक, हर चेहरा तिरंगे की चमक से दमक रहा था।
कलेक्ट्रेट में गूंजा राष्ट्रगान, जिलाधिकारी ने दी सलामी

गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह की शुरुआत आगरा कलेक्ट्रेट परिसर में हुई। यहाँ जिलाधिकारी (DM) ने ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को संविधान की प्रस्तावना की शपथ दिलाई। जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा, “आज का दिन आत्म-मंथन का है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यही हमारे गणतंत्र की असली सफलता होगी।
“पुलिस लाइन में शौर्य का प्रदर्शन: कमिश्नरेट पुलिस का मार्च पास्ट


मुख्य अतिथि बेबी रानी मौर्य ने पुलिस लाइन में किया ध्वजारोहण
इस वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर आगरा पुलिस लाइन में आयोजित मुख्य समारोह में मंत्री महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार (उत्तर प्रदेश), बेबी रानी मौर्य ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने गरिमामयी उपस्थिति के बीच ध्वजारोहण किया और राष्ट्रध्वज को सलामी दी।
ध्वजारोहण के उपरांत मंत्री ने परेड का निरीक्षण किया। उन्होंने अपने संबोधन में प्रदेश और देशवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए कहा कि महिलाओं और बच्चों का सशक्तीकरण ही एक सशक्त राष्ट्र की नींव है। उन्होंने पुलिस बल के अनुशासन की सराहना की और संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों एवं कर्तव्यों के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया।

स्वच्छता और सेवा: नगर निगम का संकल्प

नगर निगम आगरा में भी गणतंत्र दिवस पर विशेष उत्साह देखा गया। महापौर और नगर आयुक्त ने संयुक्त रूप से तिरंगा फहराया। इस दौरान नगर आयुक्त ने शहर को ‘स्मार्ट और क्लीन’ बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आगरा केवल स्मारकों का शहर नहीं है, बल्कि यह हम सबकी पहचान है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे आगरा को वैश्विक स्तर पर सबसे स्वच्छ शहर बनाने के संकल्प में शामिल हों।
महापुरुषों को नमन और सांस्कृतिक छटा
संविधान की गरिमा को याद करते हुए संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर और महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया गया। शहर के विभिन्न चौराहों पर देशभक्ति गीतों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। स्कूली बच्चों ने तिरंगा रैलियां निकालकर ‘भारत माता की जय’ के नारों से आसमान गुंजा दिया।
निष्कर्ष :- आगरा में मनाया गया यह 77वां गणतंत्र दिवस एकता और अखंडता का प्रतीक रहा। प्रशासन और जनता के बीच इस साझा उत्सव ने यह स्पष्ट कर दिया कि विकास की राह पर आगरा तेजी से आगे बढ़ रहा है।
पाठकों के लिए सवाल:- इस गणतंत्र दिवस पर आपने अपने शहर या समाज को बेहतर बनाने के लिए क्या संकल्प लिया है? अपने विचार हमसे साझा करें।




