
करोड़ों की अनियमितता का शक: ब्लैक टॉपिंग गायब, नाले टूटे, अब पूरे शहर के विकास कार्यों की होगी जाँच
आगरा। आगरा नगर निगम के विकास कार्यों की गुणवत्ता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सड़क निर्माण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोपों के बाद, महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने सोमवार को अचानक निरीक्षण कर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। महापौर ने हेमा पेट्रोल पंप से पश्चिमपुरी चौराहे तक बनी सड़क का जायजा लिया, जहाँ उन्हें कई चौंकाने वाली अनियमितताएं मिलीं।
निरीक्षण में मिलीं बड़ी खामियां और ‘गायब’ डामरीकरण
पार्षदों द्वारा सदन में लगातार मुद्दा उठाए जाने और जाँच समिति का गठन न होने के बाद महापौर ने यह कदम उठाया। निरीक्षण के लिए महापौर जैसे ही निगम की टीम के साथ मौके पर पहुँचीं, पार्षद प्रवीना राजावत, रवि करौतिया और वीरेंद्र लोधी भी वहाँ मौजूद हो गए।
गहन स्थलीय निरीक्षण में पाया गया: ब्लैक टॉपिंग (डामरीकरण) नदारद:
स्थानीय दुकानदारों और निवासियों ने महापौर को बताया कि सड़क पर डामरीकरण का काम हुआ ही नहीं है, जबकि इसे फाइलों में “पूरा” दिखाया गया है। यह स्पष्ट रूप से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी और अनियमितता की ओर इशारा करता है।
टूटे और अधूरे निर्माण: सड़क के किनारे नाले जगह-जगह से टूटी अवस्था में मिले, जिससे राहगीरों को असुविधा हो रही थी। इसके अलावा, सड़क के किनारों पर की गई इंटरलॉकिंग भी अधूरी और खराब गुणवत्ता की पाई गई।
“जनता के पैसे का बंदरबांट”: महापौर का गुस्सा
इन खामियों को देखकर महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अधिशासी अभियंता अरविंद श्रीवास्तव को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि निगम अधिकारी और ठेकेदार मिलकर जनता के पैसों का बंदरबांट कर रहे हैं। महापौर ने स्पष्ट कहा कि इस पूरे प्रकरण में “बड़े भ्रष्टाचार की बू आ रही है”।महापौर ने अधिकारियों को दो दिन के भीतर निरीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट और संबंधित निर्माण फाइलें प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल एक सड़क का मामला नहीं है, बल्कि करोड़ों रुपये की गड़बड़ी की आशंका है।
अब पूरे शहर में अपनाया जाएगा ‘जीरो टॉलरेंस’
महापौर ने सख्त रुख अपनाते हुए घोषणा की कि अब वह पूरे आगरा शहर में जाकर नगर निगम द्वारा कराए गए विकास कार्यों का खुद निरीक्षण करेंगी और सीधे जनता से उनकी गुणवत्ता पर फीडबैक लेंगी। उन्होंने दोहराया कि मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप, भ्रष्टाचार के मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
अवैध अतिक्रमण पर तुरंत कार्रवाई का निर्देश
निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने ईंट मंडी क्षेत्र के पास अवैध अतिक्रमण का मुद्दा भी उठाया। लोगों ने शिकायत की कि ट्रकों और ट्रैक्टरों के खड़े रहने से आवागमन बाधित होता है और धूल-मिट्टी से गंदगी फैलती है। महापौर ने तत्काल नगर निगम अधिकारियों को ईंट मंडी के नाम पर खड़े अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए कार्रवाई के निर्देश दिए, ताकि निवासियों को राहत मिल सके।




