
खाकी का खौफनाक चेहरा: दूध बेचने वाले युवक के साथ चौकी में दरिंदगी, शिकायत करने पर मिली जेल में सड़ा देने की धमकी; चौकी इंचार्ज समेत कई पर गिरी गाज।
आगरा। ताजनगरी आगरा से पुलिसिया बर्बरता की एक ऐसी रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसने मानवता और कानून व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक युवक को मात्र इसलिए ‘थर्ड डिग्री’ टॉर्चर का सामना करना पड़ा क्योंकि उसने पुलिस की कार्रवाई का वीडियो बनाने की कोशिश की थी। पीड़ित का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने न सिर्फ उसे बेदर्दी से पीटा, बल्कि उसके घावों पर लाल मिर्च तक झोंक दी।
क्या है पूरा मामला?
घटना सैंया थाना क्षेत्र के वीरई गांव की है। यहां रहने वाले नरेंद्र कुशवाह अपने भाई धीरज के साथ आगरा शहर में दूध बेचने का काम करते हैं। 2 जनवरी को नरेंद्र अपने भाई के साथ छत्ता थाना क्षेत्र की जीवनी मंडी चौकी अंतर्गत गरीब नगर में दूध बांटने गए थे।दोपहर करीब 11 बजे, किसी झगड़े की सूचना पर पहुंचे चौकी इंचार्ज रविंद्र कुमार ने नरेंद्र को जबरन टेंपो चलाने के लिए कहा। नरेंद्र ने जब यह कहा कि उसे टेंपो चलाना नहीं आता, तो पुलिस वाले भड़क गए। विवाद बढ़ा तो नरेंद्र ने अपने फोन से वीडियो बनाना शुरू कर दिया। बस यही बात पुलिसकर्मियों को नागवार गुजरी।
जख्मों पर मिर्च और डंडों की बौछार
पीड़ित नरेंद्र ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि पुलिस वाले उसे घसीटते हुए चौकी ले गए। वहां चार पुलिसकर्मियों ने उसे जमीन पर लिटा दिया और पैर के तलवों पर डंडों से प्रहार करना शुरू किया। नरेंद्र का कहना है कि, “वे मुझे तब तक मारते रहे जब तक कि दो डंडे नहीं टूट गए। जब मैं दर्द से कराहने लगा, तो उन्होंने मेरे जख्मों पर लाल मिर्च छिड़क दी। मैं उनके पैर पकड़कर रोता रहा, गिड़गिड़ाता रहा, लेकिन वे हंसते रहे।
“नरेंद्र के मुताबिक, पुलिस ने न केवल उसे शारीरिक यातनाएं दीं, बल्कि उसकी जेब में रखे 1800 रुपये और उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया।
“मुंह खोला तो जेल में सड़ जाओगे”
यातनाओं का सिलसिला यहीं नहीं रुका। शाम को नरेंद्र को छत्ता थाने ले जाया गया। पीड़ित का आरोप है कि चौकी इंचार्ज ने उसे धमकी दी कि यदि उसने इंस्पेक्टर के सामने मुंह खोला, तो उसे झूठे केस में फंसाकर उम्र भर के लिए जेल में सड़ा दिया जाएगा। डर के मारे नरेंद्र पुलिस अधिकारियों के सामने कुछ नहीं बोल सका और पुलिस ने शांतिभंग की धाराओं में उसका चालान कर दिया।
सपा ने घेरा थाना, पुलिस प्रशासन में हड़कंप
मामला सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने आंतरिक जांच बैठाई।
डीसीपी सिटी के अनुसार: “जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए हैं। कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। चौकी इंचार्ज रविंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है और इंस्पेक्टर छत्ता को लाइन हाजिर किया गया है। मामले की विस्तृत जांच एसीपी छत्ता को सौंपी गई है।
मानवाधिकारों का हनन
यह घटना एक बार फिर पुलिस ट्रेनिंग और उनके व्यवहार पर सवाल उठाती है। एक आम नागरिक, जो अपनी रोजी-रोटी के लिए संघर्ष कर रहा है, उसे सुरक्षा देने के बजाय खाकी ने उसे लहूलुहान कर दिया। फिलहाल पीड़ित नरेंद्र का उपचार चल रहा है और इलाके में पुलिस के इस कृत्य की कड़ी निंदा हो रही है।




