
ताजनगरी में न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री तक गिरा; 2026 की पहली सुबह विजिबिलिटी रह सकती है शून्य, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
आगरा। ताजनगरी आगरा में मौसम ने करवट बदल ली है और कड़ाके की ठंड ने दस्तक दे दी है। बुधवार सुबह से ही चल रही बर्फीली उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने स्थानीय निवासियों की कंपकंपी छुड़ा दी। आलम यह रहा कि दिन में निकली धूप भी इन सर्द हवाओं के सामने बेअसर साबित हुई। जैसे-जैसे सूरज ढलने लगा, ठंडी हवाओं की रफ्तार और तेज हो गई, जिससे शहर के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
तापमान में बड़ी गिरावट: ठिठुरने को मजबूर हुए लोग
मौसम विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को आगरा का अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से कम है। वहीं, रात के समय पारा लुढ़ककर 7.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया। हवा में नमी और कम तापमान के कारण लोग शाम होते ही घरों में दुबकने को मजबूर हो गए।
सड़कों पर अलाव का सहारा लेते लोग आम नजर आए।
नए साल 2026 का आगाज़: घने कोहरे की चादर में लिपटी होगी सुबहअगर आप नए साल के स्वागत के लिए बाहर निकलने की योजना बना रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि 1 जनवरी 2026 की पहली सुबह घने कोहरे के साये में होगी।
येलो अलर्ट जारी: विभाग ने आगरा और आसपास के क्षेत्रों के लिए कोहरे का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।
विजिबिलिटी का खतरा: घने कोहरे के कारण सड़कों पर दृश्यता (Visibility) काफी कम रह सकती है, जिससे यातायात प्रभावित होने की संभावना है।
शीतलहर का प्रकोप: कोहरे के साथ-साथ सर्द हवाएं ठिठुरन को और बढ़ाएंगी।
सावधानी बरतने की सलाह
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दो-तीन दिनों तक ठंड का यह तेवर बरकरार रह सकता है। वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे कोहरे के दौरान फॉग लाइट्स का उपयोग करें और गति सीमा का ध्यान रखें। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष रूप से इस बदलती ठंड से बचने की जरूरत है।




