
शहर में 7 जगहों पर लगी पटाखों की दुकान; ‘पीकॉक अनार’ जैसे ग्रीन पटाखे खींच रहे ध्यान
आगरा, उत्तर प्रदेश। दीपावली के उल्लास के बीच, आगरा शहरवासियों को इस बार प्रदूषण नियंत्रण और सुरक्षा नियमों का विशेष ध्यान रखना होगा। जिला प्रशासन ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के निर्देशों का पालन करते हुए, शहर में पटाखे जलाने का समय निर्धारित कर दिया है। शहरवासी दिवाली की रात केवल दो घंटे—रात 8:00 बजे से 10:00 बजे तक ही—पटाखे जला सकेंगे।
पटाखों की बिक्री के लिए नगर निगम ने शहर में सात प्रमुख स्थलों पर दुकानें लगाने की अनुमति दी है, जहां कुल 208 दुकानदारों को अस्थायी लाइसेंस जारी किए गए हैं। इन दुकानों पर ग्रीन (हरित) पटाखों की मांग सबसे ज़्यादा है।
ग्रीन पटाखों में ‘पीकॉक अनार’ की विशेष धूम
पटाखा बाजार में इस साल फुलझड़ी, अनार और चकरी की मांग सबसे ज़्यादा बनी हुई है। एक दुकानदार ने बताया, “हर साल की तरह फुलझड़ी और चकरी की बिक्री सबसे अधिक है, लेकिन इस बार ग्रीन पटाखों में एक नया ‘पीकॉक अनार’ आया है, जो ग्राहकों के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय हो रहा है।
“प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पटाखों की बिक्री सुबह 10:00 बजे से लेकर शाम 8:00 बजे तक ही होगी, जबकि पटाखे जलाने की अनुमति सिर्फ रात 8 बजे से 10 बजे तक ही रहेगी।
आगरा में कहाँ-कहाँ लगी हैं पटाखों की दुकानें

(कुल 208 लाइसेंस)नगर निगम द्वारा अस्थायी लाइसेंस प्राप्त 208 दुकानदारों को बिक्री के लिए शहर के 7 प्रमुख स्थानों पर जगह दी गई है। बिक्री 23 अक्टूबर तक चलेगी।
स्थल का नाम दुकानों की संख्या

सुरक्षा नियमों और भंडारण पर सख्त निगरानी
सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए, प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीम प्रमुख स्थलों पर चौकस है। दुकानदारों को भंडारण और सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं:
भंडारण सीमा: हर दुकान पर अधिकतम 50 किलो पटाखों का ही भंडारण किया जा सकता है।
अनिवार्य उपकरण: दुकानों पर ड्राई पाउडर फायर एक्सटिंगुइशर, 10 किलोग्राम क्षमता का फायर सिलेंडर, कम से कम 200 लीटर पानी का ड्रम, और 10 बालू की बाल्टी रखना अनिवार्य है।
जागरूकता: दुकानदारों से कहा गया है कि वे ग्राहकों को पटाखे सुरक्षित ढंग से चलाने की जानकारी दें और बच्चों की निगरानी सुनिश्चित करें।
प्रशासन ने शहर के नागरिकों से आग्रह किया है कि वे केवल प्रमाणित और हरित पटाखे ही खरीदें तथा निर्धारित समय व सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें, ताकि यह त्योहार सुरक्षित और कम प्रदूषण वाला रहे।




