
पाँच दिवसीय प्रशिक्षण ने विकसित की नेतृत्व क्षमता और आपातकालीन सहायता कौशल
आगरा, उत्तर प्रदेश: आगरा कॉलेज, आगरा में दिनांक 28 अक्टूबर से 1 नवम्बर 2025 तक आयोजित पाँच दिवसीय रोवर-रेंजर प्रवेश एवं निपुण शिविर का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। इस महत्वाकांक्षी शिविर में छात्र-छात्राओं ने स्काउटिंग और गाइडिंग की मूलभूत गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया, जिसके माध्यम से उन्होंने आत्मनिर्भरता, नेतृत्व क्षमता और सामूहिक कार्य की भावना का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
जीवनोपयोगी कौशलों का व्यावहारिक प्रशिक्षण
शिविर का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के लिए तैयार करना था। इस दौरान उन्हें कई महत्वपूर्ण और जीवनोपयोगी कौशल (Life Skills) का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया:
टेंट निर्माण (Tent Making): स्वयं का आश्रय तैयार करने की कला।
गांठें बांधने की विधि (Knotting): विभिन्न प्रकार की गांठों का उपयोग और अनुप्रयोग।
प्राथमिक उपचार (First Aid): आपातकालीन स्थिति में तुरंत सहायता प्रदान करने का ज्ञान।
प्राकृतिक संसाधनों से भोजन निर्माण (Outdoor Cooking): सीमित साधनों में भोजन तैयार करने की तकनीक।
प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को यह आवश्यक ज्ञान और अनुभव प्रदान किया कि वे न केवल स्वयं की बल्कि दूसरों की भी आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से सहायता कर सकें।
अनुशासन और सामूहिक समर्पण की मिसाल
शिविर में शामिल सभी छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह, अनुशासन और समर्पण के साथ सभी गतिविधियों में हिस्सा लिया। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान अर्जित किए गए कौशलों को व्यवहार में उतारने का भरपूर प्रयास किया, जो उनके सीखने की तीव्र ललक को दर्शाता है।
इस सफल आयोजन की सराहना करते हुए कॉलेज प्रशासन ने जोर दिया कि इस तरह के रोवर-रेंजर शिविर छात्रों में आत्मविश्वास, जिम्मेदारी और सेवा भावना के विकास में सहायक होते हैं। यह उन्हें राष्ट्र के एक बेहतर और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करता है।
प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति
कार्यक्रम के सफल संचालन में कॉलेज के वरिष्ठ पदाधिकारियों और रोवर-रेंजर प्रशिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सी. के. गौतम और प्रो. पी. बी. झा उपस्थित रहे। कार्यक्रम प्रभारी के रूप में प्रो. कल्पना चतुर्वेदी ने मुख्य भूमिका निभाई, जबकि रोवर लीडर प्रो. आशीष कुमार ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।
अन्य उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में डॉ. अल्पना ओझा, डॉ. शैलेन्द्र कुमार, डॉ. अरविन्द गुप्ता, तथा राज सक्सेना शामिल थे।विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन करने वालों में प्रो. रचना सिंह, प्रो. पूनम चांद, प्रो. संचिता सिंह, प्रो. अंशु चौहान, प्रो. संध्या यादव, प्रो. स्मिता चतुर्वेदी, प्रो. सुनीता गुप्ता, प्रो. अमित अग्रवाल, तथा गौरव प्रकाश शामिल रहे।
जिला संगठन आयुक्त बॉबी कुमार एवं विष्णु ने विशेषज्ञ प्रशिक्षण सत्रों का संचालन किया और प्रतिभागी टीमों को बहुमूल्य मार्गदर्शन प्रदान किया।




