‘सशक्त नारी ही सशक्त भारत की आधारशिला’, ‘गुड टच-बैड टच’ पर हुई महत्वपूर्ण कार्यशाला

आगरा, उत्तर प्रदेश: आगरा कॉलेज, आगरा की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई ने गुरुवार, 03 अक्टूबर 2025 को “मिशन शक्ति – 5.0” कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया। कॉलेज के गणित विभाग स्थित मल्टीपरपज सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति उत्साहजनक रही। इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, उनके सम्मान और सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना था।

सशक्तिकरण: सिर्फ अधिकार नहीं, आत्मविश्वास है

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और प्रेरक लक्ष्य गीत के साथ हुआ, जिसने सभागार में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कॉलेज के प्राचार्य प्रो. चित्र कुमार गौतम ने अपने उद्बोधन में स्पष्ट किया कि महिला सशक्तिकरण केवल अधिकारों की मांग नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता, सम्मान और आत्मविश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि “शिक्षित और जागरूक महिला ही समाज को नई दिशा दे सकती है।

“‘गुड टच-बैड टच’ और हेल्पलाइन नंबर पर विशेष जागरूकता सत्र

छात्राओं की व्यक्तिगत सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किए गए। मुख्य वक्ता प्रो. पूनम चांद ने “Good Touch–Bad Touch” विषय पर विस्तारपूर्वक और संवादात्मक प्रस्तुति दी। उन्होंने छात्राओं को शरीर की सुरक्षा, अनुचित व्यवहार की पहचान करने और उससे बचाव के व्यावहारिक उपाय बताए, जो सभी के लिए अत्यंत प्रभावशाली रहे।

प्रो. सुनीता गुप्ता ने महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों (112, 1090, 181 एवं 108) की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने सभी को आत्मरक्षा और हर पल सजग रहने का महत्वपूर्ण संदेश दिया।

लैंगिक समानता और आत्मनिर्भर भारत में महिलाओं की भूमिका

कॉलेज के चीफ प्रॉक्टर प्रो. विजय कुमार सिंह ने समाज में नारी सम्मान और उनके सर्वांगीण विकास से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला। वहीं, कार्यक्रम के संयोजक डॉ. आनंद प्रताप सिंह ने आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महिलाओं की केंद्रीय भूमिका पर अपने प्रेरक विचार साझा किए। उन्होंने लैंगिक समानता और शिक्षा के महत्व को देश की प्रगति के लिए अनिवार्य बताया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. सत्यदेव शर्मा ने अपनी ऊर्जावान और प्रभावशाली शैली में किया, जिससे पूरे सत्र के दौरान माहौल जीवंत बना रहा।

इस सफल आयोजन में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रविशंकर सिंह, डॉ. अविनाश जैन, डॉ. एस.पी. सिंह, डॉ. ललिता सिंह के साथ-साथ अन्य शिक्षक गण ने भी सक्रिय योगदान दिया। राष्ट्रीय गान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ, जिसने उपस्थित सभी लोगों को ‘सशक्त नारी, सशक्त भारत’ के संकल्प के साथ जोड़ा।

प्रमुख संदेश

कार्यक्रम का मूल और सशक्त संदेश यही रहा कि “सशक्त नारी ही सशक्त भारत की आधारशिला है।” जब महिलाएँ शिक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर होंगी, तभी समाज सही मायने में विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ सकता है।