प्रो. राजीव उपाध्याय ने छात्रों को दी पेशेवर उत्कृष्टता की व्यावहारिक कुंजी; ‘जॉब-रेडी’ और ‘फ्यूचर-रेडी’ बनने पर जोर

आगरा,फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (एफ.ई.टी.), आगरा कॉलेज, आगरा में शनिवार को छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करने वाले एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का विषय था “Achieving Professional Excellence through Experiential Learning” (अनुभवाधारित शिक्षण के माध्यम से पेशेवर उत्कृष्टता प्राप्त करना)। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के.एन.आई.टी., सुल्तानपुर के निदेशक प्रो. राजीव कुमार उपाध्याय ने छात्रों के साथ पेशेवर उत्कृष्टता के व्यावहारिक सूत्र साझा किए और अनुभवों की भट्टी में तपकर श्रेष्ठ बनने का संदेश दिया।

चोट लगने वाली पेंसिल का प्रेरक उदाहरण

मुख्य सत्र में प्रो. उपाध्याय ने एक प्रेरक उदाहरण साझा किया। उन्होंने कहा, “जिस प्रकार बिना चोट लगे किसी भी पेंसिल से लिखना संभव नहीं है, वैसे ही बिना जीवन के कड़वे अनुभवों के कोई श्रेष्ठ व्यक्ति नहीं बन सकता।” उन्होंने छात्रों को डिज़ाइन थिंकिंग, समस्या-समाधान, टीमवर्क और संप्रेषण जैसी 21वीं सदी की दक्षताओं में प्रवीण होने के लिए अनुभव-आधारित अधिगम को अपनाने की संस्तुति दी। उनका मानना ​​है कि यही तरीका छात्रों को ‘जॉब-रेडी’ और ‘फ्यूचर-रेडी’ बनाता है।

पाठ्यक्रम में नवाचार और स्किल-डेवलपमेंट

समारोह की अध्यक्षता कर रहे एफ.ई.टी. के प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम ने प्रोजेक्ट-आधारित शिक्षण, परिणाम-आधारित मूल्यांकन और ‘लैब-टू-लाइव’ गतिविधियों को पाठ्यक्रम का अभिन्न अंग बनाने की आवश्यकता को रेखांकित किया।

समन्वय समिति के संयोजक डॉ. भूपेंद्र सिंह चिकारा और संचालन समिति के संयोजक डॉ. यादवेंद्र शर्मा ने अपने विशेष उद्बोधन में हैकथॉन, इंडस्ट्री-मेंटर्ड कैपस्टोन प्रोजेक्ट्स और कम्युनिटी-आउटरीच आधारित परियोजनाओं को कौशल-विकास और नेतृत्व-निर्माण का सबसे प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने छात्रों को इंटर्नशिप-टू-प्रोजेक्ट कंटिनम, रियल-लाइफ केस स्टडी और माइक्रो-इंटर्नशिप जैसे उपायों को अपनाने की भी सलाह दी।

इंडस्ट्री-प्रेरित परियोजनाओं का संकल्प

प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने स्टार्टअप-इन्क्यूबेशन और कैंपस-प्रोजेक्ट एक्सपो जैसे विषयों पर जिज्ञासाएँ व्यक्त कीं, जिनका प्रो. उपाध्याय ने व्यावहारिक उदाहरणों के साथ समाधान किया। समापन खंड में, एफ.ई.टी. प्रबंधन ने अनुभवाधारित अधिगम को पाठ्यक्रम-संरचना में और सुदृढ़ करने तथा इंडस्ट्री-प्रेरित परियोजनाओं की सतत श्रृंखला प्रारंभ करने का संकल्प व्यक्त किया।

कार्यक्रम का औपचारिक समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसे डॉ. आर. के. शर्मा ने प्रस्तुत किया। इस शैक्षिक एवं प्रेरक आयोजन में संकाय सदस्य, अतिथिगण और छात्र-समितियाँ बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।