कड़ाके की ठंड के बीच धूप खिलते ही चंबल सेंचुरी में बढ़ी रौनक; विलुप्तप्राय प्रजातियों और विदेशी पक्षियों का दीदार करने पहुंचे लोग​

आगरा (पिनाहट)। ताजनगरी आगरा के समीप स्थित चंबल नदी इन दिनों वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। कड़ाके की सर्दी के बाद खिली सुनहरी धूप का आनंद लेने के लिए न केवल इंसान, बल्कि चंबल के ‘राजा’ कहे जाने वाले घड़ियाल और मगरमच्छ भी बाहर निकल आए हैं। सोमवार को पिनाहट घाट के पास नदी के टापुओं पर दर्जनों की संख्या में मगरमच्छ और घड़ियाल धूप सेंकते (Basking) नजर आए, जिसे देख पर्यटक रोमांचित हो उठे।​

टापुओं पर दिखा दुर्लभ नजारा​

रविवार और सोमवार को तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी और तेज धूप निकलने से स्थानीय लोगों को भीषण ठंड से राहत मिली। इसी बीच, चंबल नदी की गहराई से निकलकर भारी संख्या में घड़ियाल और मगरमच्छ नदी के बीच बने रेतीले टापुओं पर जमा हो गए। प्रकृति के इस दुर्लभ नजारे को अपने कैमरे में कैद करने के लिए पिनाहट घाट पर सुबह से ही पर्यटकों का तांता लगा रहा। पर्यटकों ने अपने परिवारों के साथ नाव की सफारी करते हुए इन जलीय जीवों को करीब से देखा।

​चंबल सेंचुरी: विलुप्तप्राय जीवों का सुरक्षित बसेरा

चंबल क्षेत्र विश्व भर में अपनी शुद्धता और विलुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण के लिए जाना जाता है। वन विभाग और वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञों की कड़ी निगरानी में यहाँ घड़ियालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। चंबल सेंचुरी न केवल जलीय जीवों बल्कि दुर्लभ पक्षियों से भी गुलजार रहती है। सर्दियों का मौसम यहाँ के पारिस्थितिकी तंत्र को और भी जीवंत बना देता है।​

विदेशी मेहमानों की चहचहाहट से गूंजी वादियां​

मगरमच्छों के साथ-साथ इन दिनों चंबल की वादियों में प्रवासी पक्षियों का जमावड़ा भी देखने लायक है। स्थानीय पक्षियों जैसे इंडियन स्कीमर (पनचीरा), सारस क्रेन, पेलिकन और किंगफिशर के अलावा, हजारों मील दूर से आए विदेशी मेहमानों ने यहाँ डेरा डाला हुआ है।

  • प्रमुख प्रवासी पक्षी: साइबेरियन रूबी थ्रोट, फ्लेमिंगो, रोजी पेलिकन, स्पूनबिल और शॉवेलर।
  • आकर्षण: नीले पानी के ऊपर इन पक्षियों की उड़ान और उनका कलरव वातावरण को मनमोहक बना रहा है।

​पर्यटकों के अनुसार, चंबल का शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता उन्हें बार-बार यहाँ आने के लिए प्रेरित करती है। हर साल सर्दियों के दौरान यहाँ देसी-विदेशी पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की जाती है।