उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद खोड़ा थाना क्षेत्र में बकरीद के दिन हुए चर्चित 17 वर्षीय छात्र सूर्या चौहान हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद को यूपी पुलिस ने एक सनसनीखेज एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। रविवार तड़के इंदिरापुरम के अभय खंड इलाके में हुई इस मुठभेड़ में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए 50 हजार के इनामी बदमाश असद को मार गिराया।

​इस बड़ी कार्रवाई के साथ ही पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए हत्याकांड में शामिल तीन अन्य आरोपियों को भी सलाखों के पीछे भेज दिया है, जिसमें असद का पिता भी शामिल है। इस घटना के बाद से पूरे गाजियाबाद और खासकर खोड़ा व इंदिरापुरम के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है।

​तड़के मुठभेड़ और जवाबी फायरिंग: कैसे हुआ असद का एनकाउंटर?

​गाजियाबाद के डीसीपी (ट्रांस हिंडन) धवल जायसवाल के मुताबिक, पुलिस को देर रात मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि सूर्या हत्याकांड का मुख्य आरोपी असद अपने कुछ साथियों से मिलने खोड़ा क्षेत्र में आने वाला है। वह अपने साथियों से पैसे इकट्ठा कर राज्य से बाहर भागने की फिराक में था। सूचना मिलते ही खोड़ा और इंदिरापुरम पुलिस ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला और पूरे इलाके में कॉम्बिंग ऑपरेशन शुरू कर बैरियर चेकिंग लगा दी।

​इसी दौरान वसुंधरा क्षेत्र की तरफ से असद अपने एक साथी के साथ मोटरसाइकिल पर आता हुआ दिखाई दिया। जब पुलिस टीम ने उसे रुकने का इशारा किया, तो खुद को घिरा देख असद ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की, जिसमें असद गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मुठभेड़ के दौरान असद का दूसरा साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा, जिसकी तलाश जारी है। वहीं, बदमाशों की गोली से खोड़ा थाने का एक सिपाही भी घायल हुआ है।

​पीड़ित मां की आंसुओं भरी गुहार और इंसाफ की पुकार

​11वीं क्लास में पढ़ने वाले 17 वर्षीय सूर्या चौहान की बकरीद (28 मई) के दिन चाकू से गोदकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से ही सूर्या के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था। सूर्या की मां सरोज और उसकी बहन ने रोते हुए प्रशासन से आरोपियों के एनकाउंटर की मांग की थी।

मां सरोज ने रुंधे गले से कहा था: “मैं चाहती हूं कि उसे भी वही सजा मिले जो उसने मेरे मासूम बेटे को दी। 28 मई की उस काली रात के बाद से मैंने अपने बेटे का चेहरा तक नहीं देखा। मेरा बड़ा बेटा दिव्यांग है और मुझे उम्मीद थी कि सूर्या बड़ा होकर मेरा और परिवार का सहारा बनेगा, लेकिन उन जालिमों ने मेरे बुढ़ापे की लाठी ही छीन ली।”

​पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई को पीड़ित परिवार के आंसुओं और जनता के आक्रोश के बाद एक बड़े प्रशासनिक जवाब के रूप में देखा जा रहा है।

​पिता नवाब समेत 3 अन्य आरोपी गिरफ्तार

​सूर्या चौहान हत्याकांड में परिजनों की तहरीर के आधार पर कुल पांच लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अब तक मुख्य आरोपी असद के पिता नवाब (45), फरहान (19) और आतिफ (19) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि इस साजिश और वारदात में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और फरार चल रहे दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए भी टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

​खौफ और सन्नाटे के साए में खोड़ा: कई घरों में लटके ताले

​असद के एनकाउंटर की खबर जैसे ही इलाके में फैली, पूरे क्षेत्र में भारी तनाव और सन्नाटा पसर गया। स्थानीय निवासी किसी भी तरह की अप्रिय घटना की आशंका से डरे हुए हैं। हालात यह हैं कि जिस बहुमंजिला बिल्डिंग में असद का परिवार रहता था, उसके अधिकांश निवासी अपने घरों में ताला लगाकर सुरक्षित स्थानों या अपने रिश्तेदारों के घर चले गए हैं।

​बताया जा रहा है कि उस बिल्डिंग के कुल 17 फ्लैट्स में से करीब 12 से 13 परिवारों ने एहतियातन अपने घरों को खाली कर दिया है। असद के घर के मुख्य दरवाजे पर भी ताला लटका हुआ है और उसके बाहर भारी पुलिस बल तैनात है। स्थानीय लोग मीडिया या किसी भी बाहरी व्यक्ति से खुलकर बात करने से बच रहे हैं।

​RAF की तैनाती और पुलिस की कड़ी गश्त

​किसी भी तरह की सांप्रदायिक या कानून-व्यवस्था संबंधी स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस बेहद सतर्क नजर आ रही है। मृतक छात्र सूर्या चौहान के घर के बाहर रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस अधिकारी लगातार सोशल मीडिया और स्थानीय अफवाहों पर नजर रख रहे हैं ताकि शांति व्यवस्था कायम रखी जा सके। पुलिस का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन एहतियातन गश्त बढ़ा दी गई है।