
आगरा,: ताजनगरी आगरा को स्मार्ट और व्यवस्थित बनाने की दिशा में नगर निगम ने एक बड़ा कदम उठाया है। गुरुवार को महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह की अध्यक्षता में हुई कार्यकारिणी की बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 2202.86 करोड़ रुपये के भारी-भरकम प्रस्तावित बजट को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई। इस बजट में शहर की बदहाल सड़कों को सुधारने से लेकर बेसहारा पशुओं के प्रबंधन तक, हर पहलू पर खास ध्यान दिया गया है।
बुनियादी ढांचे पर जोर: सड़कों और गलियों के लिए 212 करोड़ का प्रावधान
आगरा के निवासियों के लिए सबसे राहत भरी खबर बुनियादी ढांचे को लेकर है। शहर की जर्जर सड़कों की सूरत बदलने के लिए बजट में 212 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है। अक्सर देखा जाता है कि जलभराव और भारी ट्रैफिक के कारण शहर की सड़कें जल्द खराब हो जाती हैं, जिसे देखते हुए मरम्मत और अनुरक्षण कार्यों पर यह बड़ी राशि खर्च की जाएगी।
इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ग्रिड (CM Grid) योजना के तहत 200 करोड़ रुपये के अलग से विकास कार्य कराए जाएंगे। यह योजना विशेष रूप से शहर के शहरी नियोजन और मुख्य मार्गों के आधुनिकीकरण पर केंद्रित होगी, जिससे आने वाले समय में जाम और खराब रास्तों से मुक्ति मिलने की उम्मीद है।
बेसहारा श्वानों के लिए बनेगा ‘डॉग शेल्टर’, एक करोड़ का बजट आवंटित
शहर में बढ़ती श्वानों (Dogs) की संख्या और उनसे जुड़ी समस्याओं को देखते हुए नगर निगम ने पहली बार एक संवेदनशील पहल की है। आगरा में बेसहारा कुत्तों के लिए एक आधुनिक डॉग शेल्टर बनाया जाएगा, जिसके लिए बजट में एक करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह कदम न केवल पशु प्रेमियों के लिए खुशी की बात है, बल्कि शहर में बढ़ती डॉग बाइट की घटनाओं पर लगाम लगाने में भी मददगार साबित होगा।
रोशनी से जगमगाएगा शहर और सुधरेगा ड्रेनेज सिस्टम
शहर की सुरक्षा और सुंदरता के लिए लाइटिंग व्यवस्था को दुरुस्त करना अनिवार्य है। इसके लिए कार्यकारिणी ने 30 करोड़ रुपये के व्यय को मंजूरी दी है। वहीं, मानसून के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नाले-नालियों के निर्माण और सुधार कार्यों पर 44 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। महापौर ने स्पष्ट किया कि इन कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
टोरंट पावर के किराये पर बड़ा फैसला और निगम की बढ़ती आय
बजट में एक महत्वपूर्ण वित्तीय सुधार भी देखने को मिला। शासन के निर्देशों के बाद, टोरंट पावर से ट्रांसफार्मर आदि मदों में लिए जाने वाले 431 करोड़ रुपये के किराये को ‘अनावश्यक अधिभार’ मानते हुए बजट से हटा दिया गया है।
दूसरी ओर, नगर निगम की आय में भी जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है। ए.ओ. विपिन यादव ने बैठक में बताया कि डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था से होने वाली आय में पिछले वर्ष की तुलना में आठ गुना वृद्धि हुई है। साथ ही, विज्ञापन मद से भी निगम के खजाने में 9.68 करोड़ रुपये आए हैं, जो शहर के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।
हरियाली और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता
आगरा की आबोहवा को शुद्ध बनाए रखने के लिए बजट में पर्यावरण का भी ख्याल रखा गया है। पार्कों के सौंदर्यीकरण और विकास के लिए 12 करोड़ रुपये तय किए गए हैं, जबकि बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाने के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
बैठक में मौजूद रहे प्रमुख अधिकारी
नगर निगम सदन में पेश होने से पहले इस महत्वपूर्ण बैठक में नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य, अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार, उपनगर आयुक्त डॉ. सरिता सिंह सहित जलकल विभाग और विद्युत विभाग के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे। जलकल विभाग के बजट पर भी विस्तृत चर्चा की गई ताकि शहर की पेयजल आपूर्ति को और अधिक सुचारू बनाया जा सके।



