
आगरा। उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानों के तीर अब मर्यादा की सीमाएं लांघने लगे हैं। हमीरपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद अजेंद्र सिंह लोधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई कथित अभद्र टिप्पणी ने अब एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। इस बयान की गूँज गुरुवार को ताजनगरी आगरा में सुनाई दी, जहाँ भाजपा कार्यकर्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर नजर आया। आगरा कलेक्ट्रेट परिसर में भाजपा पदाधिकारियों और महिला मोर्चा की सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
आगरा कलेक्ट्रेट में गूंजे नारे: ‘प्रधानमंत्री का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान’

गुरुवार की दोपहर आगरा कलेक्ट्रेट का नजारा किसी युद्ध क्षेत्र जैसा था। भाजपा महानगर और जिला इकाई के नेतृत्व में भारी संख्या में कार्यकर्ता एकत्र हुए। हाथों में तख्तियां और सपा विरोधी बैनर लिए कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। “अखिलेश यादव शर्म करो” और “प्रधानमंत्री का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान” जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना था कि देश के सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करना केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की आस्था का अपमान है।
”सपा में अब नेता नहीं, लफंगे बचे हैं”: भाजपा महानगर अध्यक्ष का तीखा हमला
प्रदर्शन के दौरान भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने समाजवादी पार्टी की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने बेहद सख्त लहजे में कहा, “समाजवादी पार्टी में अब संस्कारी नेता नहीं बचे हैं। अब वहां केवल ‘लफंगे’ रह गए हैं, जो राजनीति के स्तर को लगातार गर्त में ले जा रहे हैं।”

गुप्ता ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता हैं और उनके खिलाफ इस तरह की घटिया बयानबाजी सपा की कुंठित मानसिकता को दर्शाती है। उन्होंने अखिलेश यादव को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वे वास्तव में लोकतंत्र का सम्मान करते हैं, तो उन्हें तुरंत सांसद अजेंद्र सिंह लोधी को पार्टी से निष्कासित करना चाहिए और देश की जनता से हाथ जोड़कर माफी मांगनी चाहिए।
नारी शक्ति का आक्रोश: जिला पंचायत अध्यक्ष ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

इस विरोध प्रदर्शन में भाजपा महिला मोर्चा ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू भदौरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमेशा महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण की बात की है। ऐसे में उनके खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग करना नारी शक्ति का अपमान है। भदौरिया ने स्पष्ट किया, “सपा के नेता अपनी हार से बौखला गए हैं। अगर सांसद लोधी ने सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी और सपा नेतृत्व ने उन पर कार्रवाई नहीं की, तो भाजपा की नारी शक्ति सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।”
गिरता राजनीतिक स्तर: रामजीलाल सुमन और लोधी पर साधा निशाना
भाजपा नेताओं ने केवल अजेंद्र सिंह लोधी ही नहीं, बल्कि सपा के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन के पुराने बयानों को भी आड़े हाथों लिया। पदाधिकारियों का आरोप था कि समाजवादी पार्टी के नेता जानबूझकर विवादित बयान देते हैं ताकि वे सुर्खियों में बने रहें। भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि चाहे वह संवैधानिक पद पर बैठे लोग हों या देश के सम्मानित प्रतीक, सपा नेताओं की टिप्पणी हमेशा मर्यादाओं को तार-तार करती है। उन्होंने प्रशासन से भी मांग की कि इस तरह की नफरती बयानबाजी करने वालों पर कानूनी शिकंजा कसा जाए।
क्या अखिलेश यादव लेंगे कड़ा एक्शन?
आगरा में हुए इस बड़े विरोध प्रदर्शन के बाद अब सबकी निगाहें लखनऊ में समाजवादी पार्टी के मुख्यालय पर टिकी हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उपचुनावों और आगामी राजनीतिक समीकरणों के बीच इस तरह के विवाद सपा के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। भाजपा इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाकर सपा को ‘संस्कृति विरोधी’ और ‘मर्यादाहीन’ दल के रूप में पेश करने की तैयारी में है।
कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन के बाद भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों को एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें सांसद के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की गई है।
लोकतंत्र में असहमति और विरोध का अपना स्थान है, लेकिन जब विरोध ‘अभद्रता’ में बदल जाता है, तो वह स्वस्थ राजनीति के लिए शुभ संकेत नहीं होता। आगरा में भाजपा का यह आक्रोश यह बताने के लिए काफी है कि प्रधानमंत्री जैसे पदों की गरिमा के साथ खिलवाड़ करने वाले बयानों को जनता और विपक्षी दल आसानी से नहीं भूलेंगे। अब देखना यह है कि क्या अखिलेश यादव अपने सांसद पर कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हैं या फिर यह जुबानी जंग और तेज होगी।



