आगरा। उत्तर प्रदेश के प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक शिक्षण संस्थानों में शुमार आगरा कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभाग के विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना है। कॉलेज प्रशासन ने स्नातक स्तर (बीए) के विभिन्न सेमेस्टर के लिए रिसर्च प्रोजेक्ट की प्रयोगात्मक परीक्षाओं (वायवा) का आधिकारिक कार्यक्रम जारी कर दिया है।

​आगरा कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर सी. के. गौतम ने इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए बताया कि नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए यह परीक्षा अनिवार्य है और इसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

​स्नातक तृतीय, चतुर्थ और षष्ठम सेमेस्टर का शेड्यूल जारी

​कॉलेज प्रशासन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, राजनीति विज्ञान विभाग के विद्यार्थियों के रिसर्च प्रोजेक्ट का मूल्यांकन तीन अलग-अलग तिथियों में किया जाएगा। यह शेड्यूल विशेष रूप से एन.ई.पी. के अंतर्गत आने वाले तृतीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर और अंतिम वर्ष (षष्ठम सेमेस्टर) के विद्यार्थियों के लिए है।

​निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार परीक्षाओं का विवरण निम्नलिखित है:

  • बी.ए. तृतीय सेमेस्टर (III Semester): 08 मई 2026, शुक्रवार
  • बी.ए. चतुर्थ सेमेस्टर (IV Semester): 09 मई 2026, शनिवार
  • बी.ए. षष्ठम सेमेस्टर (VI Semester): 11 मई 2026, सोमवार

​सभी परीक्षाएं कॉलेज परिसर स्थित राजनीति विज्ञान विभाग में ही आयोजित की जाएंगी।

​वायवा से पहले इन नियमों का पालन है अनिवार्य

​अक्सर देखा जाता है कि छात्र परीक्षा के दिन जल्दबाजी में कुछ महत्वपूर्ण औपचारिकताएं भूल जाते हैं, जिससे उन्हें ऐन मौके पर परेशानी का सामना करना पड़ता है। राजनीति विज्ञान विभाग के प्रो. गौरव कौशिक ने छात्रों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने रिसर्च प्रोजेक्ट की फाइल पर अपने संबंधित सुपरवाइज़र (पर्यवेक्षक) के हस्ताक्षर अनिवार्य रूप से करा लें। बिना हस्ताक्षर के प्रोजेक्ट रिपोर्ट स्वीकार नहीं की जाएगी और न ही छात्र को वायवा में बैठने की अनुमति दी जाएगी।

​इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों को अपने साथ निम्नलिखित सामग्री लाना अनिवार्य है:

  1. ​विश्वविद्यालय द्वारा जारी वैध प्रवेश-पत्र (Admit Card)
  2. ​तैयार किया गया ओरिजिनल रिसर्च प्रोजेक्ट
  3. ​कॉलेज का पहचान पत्र।

​रिसर्च प्रोजेक्ट और प्रयोगात्मक परीक्षा का महत्व

​नई शिक्षा नीति (NEP) के लागू होने के बाद से स्नातक स्तर पर रिसर्च प्रोजेक्ट्स को विशेष महत्व दिया गया है। इसका उद्देश्य छात्रों में रटने की प्रवृत्ति को खत्म कर उनमें विश्लेषणात्मक और शोध करने की क्षमता विकसित करना है। राजनीति विज्ञान जैसे विषय में, जहाँ समसामयिक और राजनीतिक घटनाक्रमों का विश्लेषण जरूरी होता है, यह रिसर्च प्रोजेक्ट छात्रों के अकादमिक करियर के लिए मील का पत्थर साबित होता है।

​प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम ने छात्रों से अपील की है कि वे इस परीक्षा को पूरी गंभीरता से लें और निर्धारित समय से कम से कम 30 मिनट पहले विभाग में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं।

​अनुशासन और समयबद्धता पर विशेष जोर

​आगरा कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा के दौरान अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे शालीन वेशभूषा में आएं और विभाग द्वारा दिए गए निर्देशों का अक्षरश: पालन करें। प्रो. गौरव कौशिक ने बताया कि प्रत्येक छात्र का मूल्यांकन उनके प्रोजेक्ट की गुणवत्ता और वायवा के दौरान उनके आत्मविश्वास व विषय ज्ञान के आधार पर किया जाएगा।

​यदि किसी छात्र की परीक्षा छूट जाती है, तो उसके लिए कॉलेज जिम्मेदार नहीं होगा, क्योंकि ये तिथियां विश्वविद्यालय के निर्देशों के अनुसार तय की गई हैं।