
आगरा। ताजनगरी के सबसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में शुमार दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ 10वीं कक्षा के एक छात्र विश्वराज के साथ स्कूल परिसर के भीतर ही इस कदर बर्बरता की गई कि उसके कई दांत टूट गए और जबड़ा पूरी तरह फ्रैक्चर हो गया। यह पीड़ित छात्र कोई और नहीं, बल्कि शहर के जाने-माने यूट्यूबर पीयूष मल्होत्रा का बेटा है। इस घटना ने न केवल स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है, बल्कि अभिभावकों के बीच भी दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
सुबह 7:30 बजे आया वो खौफनाक फोन
घटना शनिवार सुबह की है, जब अन्य दिनों की तरह विश्वराज स्कूल गया था। परिजनों के अनुसार, सुबह करीब 7:30 बजे स्कूल प्रबंधन का फोन पीयूष मल्होत्रा के पास पहुंचा। फोन पर बहुत ही सहज लहजे में कहा गया, “आपके बेटे को हल्की चोट लगी है, कृपया स्कूल आकर उसे ले जाएं।” जब पीयूष आनन-फानन में स्कूल पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। विश्वराज लहूलुहान हालत में था, उसके मुंह में रूई ठूंसी हुई थी और वह दर्द से तड़प रहा था। आरोप है कि स्कूल की एक आया उसे पकड़कर बैठी थी, लेकिन उसे कोई प्राथमिक उपचार (First Aid) तक नहीं दिया गया था।
बेरहमी की हदें पार: दांत टूटे, जबड़े में आया फ्रैक्चर
अस्पताल ले जाने पर पता चला कि छात्र के साथ हुई मारपीट कितनी भयानक थी। डॉक्टरों के मुताबिक, हमले के कारण छात्र के दांत टूटकर बाहर आ गए हैं और जबड़े की हड्डी में गंभीर फ्रैक्चर हुआ है। फिलहाल आगरा के यथार्थ हॉस्पिटल में छात्र का ऑपरेशन चल रहा है।
पीयूष मल्होत्रा ने स्कूल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए कहा, “मेरे बेटे को जानबूझकर समय पर इलाज नहीं दिया गया। स्कूल ने घटना की गंभीरता को छुपाने की कोशिश की और मुझे गुमराह किया कि चोट हल्की है। अगर समय रहते उसे डॉक्टर के पास ले जाया जाता, तो शायद उसकी तकलीफ कम होती।”
स्कूल प्रबंधन की चुप्पी और पुलिस की कार्रवाई
हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी वारदात स्कूल परिसर के अंदर हो गई, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। इस चुप्पी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या स्कूल प्रशासन किसी को बचाने की कोशिश कर रहा है? या फिर कैंपस के अंदर सीसीटीवी कैमरों और सुरक्षा गार्डों की तैनाती महज एक दिखावा है?
सूचना मिलते ही थाना सिकंदरा पुलिस हरकत में आई। एसीपी (ACP) के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम स्कूल पहुंची और वहां लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। प्राथमिक जांच में यह बात सामने आ रही है कि दो गुटों या दो छात्रों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जो हिंसक रूप ले बैठा।
स्कूल सुरक्षा पर उठते बड़े सवाल
यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़े निजी स्कूल में इस तरह की हिंसा देखी गई है। लेकिन डीपीएस जैसे नामी स्कूल में, जहाँ अभिभावक मोटी फीस सिर्फ इसलिए देते हैं ताकि उनका बच्चा सुरक्षित वातावरण में पढ़ सके, वहां ऐसी घटना होना चिंताजनक है।
- निगरानी की कमी: क्या क्लासरूम या कॉरिडोर में कोई शिक्षक या सुपरवाइजर मौजूद नहीं था?
- प्रबंधन की संवेदनहीनता: घायल छात्र को अस्पताल भेजने के बजाय माता-पिता के आने का इंतजार क्यों किया गया?
- अनुशासन का अभाव: स्कूल के भीतर छात्र इतने हिंसक कैसे हो गए कि उन्होंने अपने ही साथी का जबड़ा तोड़ दिया?
जांच के घेरे में आरोपी छात्र
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हमलावर छात्र भी उसी स्कूल के बताए जा रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह आपसी रंजिश का मामला है या फिर ‘बुलिंग’ (Bullying) का कोई पुराना सिलसिला। फिलहाल पीड़ित छात्र विश्वराज बोलने की स्थिति में नहीं है, जिसके कारण पुलिस को उसके बयान दर्ज करने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
सिकंदरा थाना पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह छात्र हो या लापरवाही बरतने वाला स्कूल स्टाफ।
निष्कर्ष (Conclusion)
आगरा की इस घटना ने शिक्षा के मंदिर को कलंकित किया है। बच्चों के बीच बढ़ती हिंसा की प्रवृत्ति और स्कूल प्रबंधन की कथित लापरवाही एक बड़ा मुद्दा है। पीयूष मल्होत्रा के बेटे के साथ जो हुआ, वह किसी भी माता-पिता के लिए एक बुरे सपने जैसा है। अब सबकी नजरें पुलिस की जांच और स्कूल के अगले कदम पर टिकी हैं।



