आगरा। ताजनगरी आगरा शनिवार को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और पर्यटन के केंद्र में रही। क्रोएशिया के प्रधानमंत्री एंड्रेज प्लेनकोविक ने अपनी भारत यात्रा के दौरान दुनिया के सात अजूबों में शुमार ‘ताजमहल’ का दीदार किया। सफेद संगमरमर की इस बेमिसाल इमारत को देखकर प्रधानमंत्री प्लेनकोविक न केवल अभिभूत नजर आए, बल्कि उन्होंने इसे विश्व शांति और प्रेम का एक महान प्रतीक बताया। ताजमहल के बाद उन्होंने मुगलिया सल्तनत की शान कहे जाने वाले आगरा किले का भी भ्रमण किया।

ब्रज की परंपरा से हुआ भव्य स्वागत

​प्रधानमंत्री एंड्रेज प्लेनकोविक नई दिल्ली से सड़क मार्ग के जरिए आगरा पहुंचे। आगरा की सीमा में प्रवेश करते ही उनका जोरदार स्वागत किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और मुख्य सचिव एसपी गोयल ने उनकी आगवानी की। इस दौरान लोक कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य और संगीत के साथ उनका स्वागत किया, जिसे देखकर प्रधानमंत्री ने हाथ हिलाकर सभी का अभिवादन स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि भारत का आतिथ्य सत्कार वास्तव में दुनिया में सबसे अलग और दिल जीतने वाला है।

ताजमहल का दीदार और ‘डायना सीट’ पर यादगार पल

​कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रधानमंत्री का काफिला ताजमहल के पूर्वी गेट पर पहुंचा। वहां से उन्होंने बैटरी चालित गोल्फ कार्ट के जरिए मुख्य स्मारक तक का सफर तय किया। जैसे ही वह ताजमहल के मुख्य प्रांगण में पहुंचे, उसकी भव्यता देखकर रुक गए। उन्होंने गाइड से ताजमहल के इतिहास, इसके निर्माण में लगे समय और पच्चीकारी के काम के बारे में बारीकी से जानकारी ली।

​प्रधानमंत्री प्लेनकोविक ने प्रसिद्ध ‘डायना सीट’ पर बैठकर फोटो भी खिंचवाई। उन्होंने विजिटर बुक में अपना संदेश लिखते हुए ताजमहल को “मानवीय कौशल और वास्तुकला का एक अद्भुत चमत्कार” करार दिया। करीब एक घंटे से अधिक समय तक वह स्मारक परिसर में रहे और इसके हर कोने की सुंदरता को निहारा।

आगरा किले में देखी मुगलिया वैभव की झलक

​ताजमहल का भ्रमण करने के बाद प्रधानमंत्री एंड्रेज प्लेनकोविक का अगला पड़ाव ‘आगरा किला’ था। यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल में शामिल इस किले की विशाल दीवारों और झरोखों ने उन्हें काफी प्रभावित किया। उन्होंने दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास और मुसम्मन बुर्ज का दौरा किया, जहां से कभी मुगल बादशाह शाहजहां कैद में रहकर ताजमहल को देखा करते थे। प्रधानमंत्री ने भारतीय इतिहास की इस गहराई और जटिलता की सराहना की और इसे वैश्विक विरासत के लिए एक अनमोल रत्न बताया।

सुरक्षा के चलते आम पर्यटकों के लिए बंद रहे स्मारक

​वीवीआईपी (VVIP) दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन और एएसआई (ASI) ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। प्रधानमंत्री की सुरक्षा प्रोटोकॉल के कारण शनिवार को ताजमहल और आगरा किला आम पर्यटकों के लिए करीब दो-दो घंटे तक बंद रहे।

  • बुकिंग विंडो: सुबह से ही पर्यटकों को सूचित कर दिया गया था और विजिट से कुछ समय पहले टिकट खिड़की बंद कर दी गई थी।
  • निकासी: प्रधानमंत्री के पहुंचने से पहले ही पूरे स्मारक परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया और वहां मौजूद पर्यटकों को बाहर निकाला गया। हालांकि, इस वजह से कुछ पर्यटकों को थोड़ी असुविधा जरूर हुई, लेकिन विदेशी मेहमान की सुरक्षा और स्वागत के लिए प्रशासन ने पहले ही व्यापक प्रचार-प्रसार कर दिया था।

भारत और क्रोएशिया के संबंधों को मिलेगी नई ऊर्जा

​किसी देश के राष्ट्राध्यक्ष का इस तरह आगरा आना केवल पर्यटन तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह दो देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को भी मजबूती देता है। प्रधानमंत्री एंड्रेज प्लेनकोविक की यह यात्रा भारत और क्रोएशिया के बीच बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों का प्रतीक है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के दौरों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगरा की ब्रांडिंग और मजबूत होती है, जिससे आने वाले समय में यूरोपीय देशों से पर्यटकों की संख्या में इजाफा होने की उम्मीद है।

निष्कर्ष

​आगरा की ऐतिहासिक गलियों में क्रोएशिया के प्रधानमंत्री का यह भ्रमण सुखद स्मृतियों के साथ संपन्न हुआ। ताजमहल की चमक और आगरा किले की मजबूती ने उन्हें भारत के समृद्ध इतिहास से रूबरू कराया। जाते समय उनके चेहरे पर छाई मुस्कान और भारत के प्रति सम्मान ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि “अतिथि देवो भव:” केवल एक नारा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति की पहचान है।