
बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसने न केवल मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि ‘दोस्ती’ जैसे पवित्र रिश्ते पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं। बरेली के नवाबगंज थाना क्षेत्र में दो नाबालिग मुस्लिम बहनों ने अपनी ही कक्षा में पढ़ने वाली हिंदू सहेली के साथ विश्वासघात की वो पटकथा लिखी, जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। धोखे से घर बुलाकर छात्रा को नशीला पदार्थ दिया गया और फिर अपने ही भाई से उसका दुष्कर्म करवाया गया। इस घिनौने कृत्य में केवल भाई-बहन ही नहीं, बल्कि उनके माता-पिता ने भी बराबर का साथ दिया।
वार्षिकोत्सव के बहाने रची गई खौफनाक साजिश
घटना 14 फरवरी 2026 की है। पीड़िता, जो 10वीं कक्षा की छात्रा है, उस दिन अपने स्कूल के वार्षिकोत्सव (Annual Function) में शामिल होने गई थी। वह खुश थी और उसे अंदाजा भी नहीं था कि उसकी सबसे करीबी सहेलियां उसके खिलाफ कोई गहरी साजिश रच रही हैं। स्कूल की छुट्टी होने के बाद, उसकी दो सहेलियों ने उसे बातों में उलझाया और बहला-फुसलाकर अपने घर ले गईं।

पीड़िता का परिवार मूल रूप से एक साधारण पृष्ठभूमि से आता है। उसके पिता उत्तराखंड में नौकरी करते हैं और घर की जिम्मेदारी उसकी मां पर है। सहेलियों के बुलावे पर छात्रा बिना किसी शक के उनके घर चली गई, लेकिन वहां उसके लिए ‘मौत से बदतर’ मंजर तैयार था।
नशीली दवाई और भाई की दरिंदगी
आरोपियों के घर पहुँचते ही छात्रा को खाने या पीने की किसी चीज में मिलाकर कोई नशीला पदार्थ दे दिया गया। कुछ ही देर में छात्रा अचेत हो गई। जैसे ही वह बेहोशी की हालत में आई, सहेलियों के भाई अनस ने उसके साथ हैवानियत की हदें पार कर दीं।
हैरानी और शर्म की बात यह है कि जब अनस इस जघन्य अपराध को अंजाम दे रहा था, उसकी दोनों बहनें और माता-पिता न केवल वहां मौजूद थे, बल्कि वे इस पूरी वारदात में सहयोग कर रहे थे। आरोपियों ने छात्रा की लाचारी का फायदा उठाते हुए उसका वीडियो भी बनाया ताकि बाद में उसे डराया-धमकाया जा सके।
जब परिजनों ने शुरू की तलाश, तो बेसुध छात्रा को घर के बाहर फेंक भागे आरोपी
शाम ढलने तक जब बेटी घर नहीं लौटी, तो उसकी मां की चिंता बढ़ने लगी। मां ने आस-पड़ोस और स्कूल के आसपास उसकी तलाश शुरू की। परिजनों को सक्रिय होता देख आरोपी पक्ष के हाथ-पांव फूल गए। पकड़े जाने के डर से आरोपी सहेलियां और उनके माता-पिता बेहोश छात्रा को उसके घर के बाहर फेंक कर फरार हो गए।
देर रात जब छात्रा को होश आया, तो उसने बिलखते हुए अपनी मां को आपबीती सुनाई। बेटी के साथ हुई इस दरिंदगी को सुनकर परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन-फानन में उत्तराखंड से पिता को बुलाया गया और फिर पूरा परिवार न्याय की गुहार लेकर नवाबगंज थाने पहुंचा।
पुलिसिया कार्रवाई: मुख्य आरोपी अनस सलाखों के पीछे
”हमने मुख्य आरोपी अनस के खिलाफ दुष्कर्म, उसकी दो नाबालिग बहनों और माता-पिता के खिलाफ षडयंत्र रचने, नशीला पदार्थ देने और छेड़छाड़ जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मुख्य आरोपी अनस को गिरफ्तार किया जा चुका है और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी सघन जांच की जा रही है।”
पुलिस ने इस मामले में पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया है।
समाज के लिए एक बड़ा चेतावनी संकेत
बरेली की यह घटना समाज में बढ़ती आपराधिक मानसिकता और टूटते भरोसे का प्रतीक है। जब सहपाठी और उनके परिवार ही भक्षक बन जाएं, तो सुरक्षा के मायने बदल जाते हैं। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है और दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग उठ रही है।
निष्कर्ष
बरेली की यह घटना बताती है कि अपराध की जड़ें कितनी गहरी हो सकती हैं, जहां एक पूरा परिवार एक मासूम की गरिमा को तार-तार करने में शामिल था। कानून अपना काम कर रहा है और मुख्य आरोपी सलाखों के पीछे है, लेकिन इस घटना ने पीड़िता के मन पर जो गहरे जख्म छोड़े हैं, उनकी भरपाई शायद ही कभी हो पाए।
पाठकों के लिए सवाल:
आपको क्या लगता है, नाबालिगों द्वारा किए जाने वाले ऐसे जघन्य अपराधों को रोकने के लिए स्कूलों और अभिभावकों को किस तरह के कदम उठाने चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें।



