
आगरा। ताजनगरी की सीमाओं का विस्तार होने के बाद से ही शहर के बाहरी इलाकों और नगर निगम में नए शामिल हुए गांवों के निवासी बुनियादी सुविधाओं का इंतजार कर रहे थे। अब उनके लिए राहत की खबर आई है। नगर निगम प्रशासन ने इन क्षेत्रों के विकास के लिए 36 करोड़ रुपये का एक विस्तृत मास्टर प्लान तैयार किया है। इस भारी-भरकम बजट से न केवल सड़कों का जाल बिछेगा, बल्कि जलभराव जैसी पुरानी समस्याओं से भी निजात मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना: विकास को मिली नई पंख
नगर निगम ने पिछले पांच वर्षों के भीतर अपनी सीमा में शामिल हुए ग्रामीण इलाकों के लिए करीब 40 प्रमुख कार्यों का खाका तैयार किया है। इन प्रस्तावों को मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना के तहत मंजूरी के लिए शासन को भेजा गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य नगर निकायों में शामिल हुए नए क्षेत्रों में शहरी स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
कार्यवाहक मुख्य अभियंता अरविंद श्रीवास्तव के अनुसार, शासन को भेजे गए प्रस्तावों में गुणवत्ता और उपयोगिता का विशेष ध्यान रखा गया है। जैसे ही शासन से इन प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी मिलती है, टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
दहतोरा से दौरेठा तक: 2 लाख की आबादी को मिलेगा सीधा लाभ
नगर निगम के इस कदम से आगरा के उन इलाकों की किस्मत चमकने वाली है जो अब तक विकास की मुख्यधारा से कटे हुए महसूस कर रहे थे। विशेष रूप से दहतोरा, पश्चिमपुरी, चमरौली, और दौरेठा जैसे क्षेत्रों में रहने वाली लगभग 2 लाख की आबादी को इस योजना से सीधा फायदा होगा।
इन इलाकों में वर्तमान में कच्ची सड़कें और जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नए प्रस्तावों में निम्नलिखित कार्यों को प्राथमिकता दी गई है:
- सीसी रोड का निर्माण: गलियों को पक्का कर कीचड़ से मुक्ति दिलाना।
- नाली और साइड पटरी: जलभराव रोकने के लिए वैज्ञानिक तरीके से नालियों का निर्माण।
- इंटरलॉकिंग और ड्रेनेज: रिहायशी इलाकों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी।
बल्केश्वर अंत्येष्टि स्थल का होगा कायाकल्प
सिर्फ सड़कों और नालियों तक ही विकास सीमित नहीं है। नगर निगम ने शहर की धार्मिक और सामाजिक भावनाओं का सम्मान करते हुए बल्केश्वर अंत्येष्टि स्थल के विकास के लिए भी एक अलग प्रस्ताव तैयार किया है। इसके सौंदर्यीकरण और सुविधाओं के विस्तार के लिए करीब 5 करोड़ रुपये की मांग की गई है। इस बजट से अंत्येष्टि स्थल पर बैठने की व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था और परिसर के सुदृढ़ीकरण का कार्य किया जाएगा।
इसी साल काम पूरा करने का लक्ष्य
नगर निगम प्रशासन इस बार ‘मिशन मोड’ में नजर आ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि उनकी कोशिश है कि जैसे ही शासन स्तर पर इन प्रोजेक्टों को मंजूरी मिले, काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया जाए। विभाग का लक्ष्य है कि वित्तीय वर्ष के अंत तक या इसी कैलेंडर वर्ष (2026) के भीतर सभी 40 प्रोजेक्ट्स को जमीन पर उतार दिया जाए।
नगर निगम की इस सक्रियता से उन लोगों में उम्मीद जगी है, जो पिछले कई सालों से टैक्स तो निगम को दे रहे थे, लेकिन सुविधाओं के नाम पर उन्हें अब भी ग्रामीण परिवेश में ही रहना पड़ रहा था।
निष्कर्ष
आगरा नगर निगम का यह 36 करोड़ का प्रस्ताव शहर के संतुलित विकास की ओर एक बड़ा कदम है। शहर के बीचों-बीच होने वाले विकास कार्यों के साथ-साथ परिधीय (Peripheral) इलाकों पर ध्यान देना ‘स्मार्ट सिटी’ की अवधारणा को सार्थक बनाता है। यदि ये कार्य समय सीमा के भीतर पूरे होते हैं, तो आगरा के बाहरी इलाकों का रियल एस्टेट और जीवन स्तर दोनों ही बदल जाएंगे।



