आगरा। ताजनगरी के पास बसे एक शांत गांव में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक पत्नी की ममतामयी और दुखियारी सूरत के पीछे छिपा कातिल चेहरा सामने आया। जिस पत्नी ने दो दिनों तक पति की मौत पर कलेजा फाड़कर रोने का स्वांग रचा, असल में वही उसकी कातिल निकली। आगरा के एकता क्षेत्र में एक महिला ने अपने चचेरे देवर के प्यार में पागल होकर अपने ही सुहाग को रास्ते से हटा दिया और पूरी वारदात को ‘सुसाइड’ का रूप देने की शातिर कोशिश की।​

सुसाइड या सोची-समझी साजिश? सुबह 4 बजे का वो फोन कॉल​

घटना 10 फरवरी की है। लोधई गांव के रहने वाले 25 वर्षीय लवकुश अपनी पत्नी गौरी (23) के साथ घर पर थे। लवकुश के पिता सुरेश चंद्र आगरा शहर में बिजली का काम करते हैं और काम के सिलसिले में अक्सर शहर में ही रुकते थे। 10 फरवरी की सुबह करीब 4 बजे सुरेश चंद्र के फोन की घंटी बजी। दूसरी तरफ बहू गौरी चीख-चीख कर रो रही थी। उसने बताया कि लवकुश ने पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली है।​

बदहवास पिता जब गांव पहुंचे, तो मंजर देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। जवान बेटे का शव साड़ी के फंदे से लटका था और बहू गौरी शव से लिपटकर दहाड़ें मार रही थी। उस वक्त किसी को भी गौरी पर शक नहीं हुआ। परिजनों ने इसे मानसिक तनाव या किसी अज्ञात कारण से की गई आत्महत्या माना और गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया।

​पैर जमीन पर और दिल में शक: कैसे खुला राज?

​बेटे के अंतिम संस्कार के अगले दिन यानी 11 फरवरी को घर में शांति हवन का कार्यक्रम चल रहा था। लेकिन पिता सुरेश चंद्र के मन में एक बात खटक रही थी। उन्होंने गौर किया था कि जब लवकुश का शव फंदे से लटका था, तब उसके पैर जमीन को छू रहे थे। आमतौर पर फांसी लगाने वाले व्यक्ति के पैर जमीन से ऊपर होते हैं।​

इसी शक के आधार पर सुरेश चंद्र और उनके रिश्तेदार संजय चौहान ने गौरी से अलग से पूछताछ करने का फैसला किया। पहले तो गौरी अपनी बातों पर अड़ी रही, लेकिन जब परिजनों ने कड़ाई से सवाल पूछे और उसे मनोवैज्ञानिक रूप से घेरा, तो उसके सब्र का बांध टूट गया। वह फफक कर रो पड़ी और जो सच उगला, उसने सबके होश उड़ा दिए।​

चचेरे देवर संग ‘इश्क’ और वो खौफनाक रात

​गौरी ने कुबूल किया कि उसके अपने चचेरे देवर सुंदर के साथ अवैध संबंध थे। लवकुश को इस बात की भनक लग गई थी, जिसके चलते घर में आए दिन झगड़े होते थे। 9 फरवरी की रात गौरी ने अपने रास्ते के इस कांटे को हमेशा के लिए हटाने की साजिश रची।​

उसने रात के अंधेरे में प्रेमी सुंदर को फोन करके घर बुलाया। जब लवकुश गहरी नींद में सो रहा था, तब दोनों ने मिलकर तकिए से उसका मुंह दबा दिया। लवकुश तड़पता रहा, लेकिन उसकी चीखें तकिए के नीचे ही दम तोड़ गईं। हत्या के बाद वारदात को आत्महत्या दिखाने के लिए उन्होंने साड़ी का फंदा बनाया और शव को पंखे से लटका दिया। इसके बाद सुंदर चुपचाप निकल गया और सुबह 4 बजते ही गौरी ने ‘सुसाइड’ का शोर मचाना शुरू कर दिया।​

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी​

इस खुलासे के बाद परिवार ने तुरंत 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आरोपी पत्नी गौरी को हिरासत में ले लिया। उसकी निशानदेही पर प्रेमी सुंदर को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

​डीसीपी सिटी अली अब्बास ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया:​”शुरुआत में यह मामला आत्महत्या का लग रहा था क्योंकि अंतिम संस्कार भी हो चुका था। लेकिन पिता की तहरीर और महिला के कुबूलनामे के बाद हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।”

आगरा की यह घटना समाज में रिश्तों के गिरते स्तर और बढ़ते अपराधों की एक भयावह तस्वीर पेश करती है। एक तरफ जहां तकनीक और आधुनिकता बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ मानवीय संवेदनाएं खत्म हो रही हैं। जिस पत्नी पर घर की जिम्मेदारी और पति के विश्वास की रक्षा का जिम्मा था, उसी ने विश्वासघात की सारी हदें पार कर दीं। हालांकि, पिता की सजगता ने एक ‘परफेक्ट मर्डर’ को बेनकाब कर दिया।