आगरा। शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने का नाम है। इसी उद्देश्य को साकार करते हुए ऐतिहासिक आगरा कॉलेज, आगरा में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर के सातवें दिन युवाओं की ऊर्जा देखते ही बनी। सुबह की ओस के साथ शुरू हुआ यह दिन न केवल शारीरिक फिटनेस बल्कि बौद्धिक और डिजिटल सशक्तिकरण के नाम रहा।

​स्वास्थ्य और श्रमदान: एक अनुशासित शुरुआत​

शिविर के सातवें दिन की शुरुआत सूरज की पहली किरण के साथ प्रातः 6:00 बजे हुई। युवाओं को शारीरिक रूप से फिट रखने के लिए आयोजित व्यायाम और जुम्बा सत्र में स्वयंसेवकों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। संगीत की धुनों पर कदमताल करते युवाओं के चेहरे पर अनुशासन की चमक साफ दिखाई दे रही थी।

​व्यायाम के पश्चात सभी स्वयंसेवकों ने मिलकर ‘श्रमदान’ किया। परिसर की सफाई और व्यवस्था में हाथ बँटाकर छात्रों ने यह संदेश दिया कि कोई भी काम छोटा नहीं होता और सामुदायिक सेवा ही राष्ट्र सेवा की पहली सीढ़ी है।​

खेल प्रतियोगिताएं: प्रियंका और दीपक ने मारी बाजी

शिविर का खेल सत्र रोमांच से भरा रहा। जहां एक तरफ ‘कुर्सी दौड़’ में एकाग्रता और गति का परीक्षण हुआ, वहीं ‘पंजा कुश्ती’ में युवाओं ने अपना दमखम दिखाया।​

कुर्सी दौड़: इस प्रतियोगिता में प्रियंका ने अपनी फुर्ती से प्रथम स्थान प्राप्त किया। मुमताज द्वितीय और सीमा तृतीय स्थान पर रहीं।​

पंजा कुश्ती: ताकत के इस खेल में दीपक नेगी विजेता बने। निखिल को द्वितीय और करन निगम को तृतीय स्थान से संतोष करना पड़ा।​

इन प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन में रवि शंकर सिंह और सुरेन्द्र पाल सिंह ने निर्णायक की अहम भूमिका निभाई, जिससे खेल भावना को बढ़ावा मिला।

​‘माय भारत’ और डिजिटल साक्षरता: नए भारत की नई उड़ान​

शिविर का मुख्य आकर्षण “माय भारत एवं डिजिटल साक्षरता के लिए युवा” (MY Bharat and Youth for Digital Literacy) विषय पर केंद्रित गतिविधियां रहीं। आज के दौर में जहां तकनीक हर क्षेत्र में हावी है, वहां युवाओं का डिजिटल रूप से साक्षर होना अनिवार्य है।​

स्वयंसेवकों को ‘मेरा युवा भारत (MY Bharat) पोर्टल’ के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि यह पोर्टल किस प्रकार युवाओं को सरकारी योजनाओं, कौशल विकास और राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जोड़ने का एक सेतु है। डिजिटल साक्षरता केवल इंटरनेट चलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन संसाधनों के सही उपयोग की समझ विकसित करना भी इसका हिस्सा है।​

सांस्कृतिक संध्या और कला का प्रदर्शन

​दोपहर के सामूहिक भोज के बाद बौद्धिक और सांस्कृतिक सत्र का आयोजन किया गया। आगरा कॉलेज की फिजाओं में जब गीतों और कविताओं की गूँज उठी, तो हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया।​

गायन प्रतियोगिता: इसमें निर्णायक की भूमिका डॉ. शोभनाथ जैसल, डॉ. बी.के. सिंह, डॉ. माधुरी यादव और डॉ. दिनेश कुमार मौर्या ने निभाई।​

काव्य पाठ: अपनी भावनाओं को शब्दों में पिरोने वाले युवाओं को डॉ. अविनाश जैन, श्री सुरेन्द्र पाल सिंह और कु. ललिता सिंह ने परखा।

​रात के अंधेरे में जब ‘कैम्प फायर’ की लपटें उठीं, तो उसके चारों ओर बैठे स्वयंसेवकों ने अपने सात दिनों के अनुभव साझा किए। हंसी-मजाक, गीत-संगीत और सामूहिक सहभागिता के साथ इस यादगार दिन का समापन हुआ।​

सफल आयोजन में इनकी रही मुख्य भूमिका

​इस पूरे शिविर को सफल बनाने में कार्यक्रम अधिकारियों का समर्पण सराहनीय रहा। डॉ. आनंद प्रताप सिंह, डॉ. सत्यदेव शर्मा और डॉ. चेतन गौतम के मार्गदर्शन में यह आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हुआ। साथ ही, मंच संचालन में शिवम सारस्वत और काजल भारद्वाज की जोड़ी ने समां बांधे रखा।​मो. कादिर, नीतेश, अंजलि, नीलम, उत्कर्ष, मोइन, करन, निक्की, मौली और भव्या जैसे छात्र नेताओं ने टीम भावना का बेहतरीन उदाहरण पेश किया।