आगरा। राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी केवल किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि जमीन पर उतरकर समाज की सेवा करने से आती है। इसी भावना को चरितार्थ करते हुए आगरा कॉलेज, आगरा में चल रहे राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के सात दिवसीय विशेष शिविर के छठे दिन उत्साह और चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला।​

शिविर के इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर न केवल शारीरिक श्रमदान किया गया, बल्कि विशेषज्ञों द्वारा मानसिक स्वास्थ्य और महिला सुरक्षा जैसे गंभीर विषयों पर युवाओं को जागरूक भी किया गया।​

प्रभात फेरी और श्रमदान: एक स्वच्छ समाज की ओर बढ़ते कदम​

दिन की शुरुआत सुबह ठीक 6:00 बजे हुई, जब हवाओं में स्फूर्ति और युवाओं के नारों में जोश था। स्वयंसेवकों ने एक भव्य प्रभात फेरी निकाली, जो आगरा के नाला बस्ती और गोकुलपुरा जैसे क्षेत्रों से गुजरी। “सेवा परमो धर्म:” के नारों के साथ स्वयंसेवकों ने स्थानीय निवासियों को स्वच्छता और शिक्षा के प्रति जागरूक किया।​

IMG 20260207 WA0011

फेरी के वापस लौटने के बाद सामूहिक श्रमदान का आयोजन हुआ। अनुशासन का परिचय देते हुए छात्र-छात्राओं ने परिसर की सफाई की। यह गतिविधि यह संदेश देती है कि कोई भी काम छोटा नहीं होता और अपने परिवेश को स्वच्छ रखना हर नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है।

​सुरक्षा और साक्ष्य संरक्षण: एसआई वैशाली चौधरी के सुरक्षा मंत्र​

प्रथम शैक्षणिक सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं सब-इंस्पेक्टर वैशाली चौधरी। वर्तमान समय में बढ़ते अपराधों और असुरक्षा के माहौल को देखते हुए उनका सत्र अत्यंत प्रासंगिक रहा। उन्होंने “साक्ष्य एवं सुरक्षा” विषय पर गहन चर्चा की।​

IMG 20260207 WA0015

वैशाली चौधरी ने छात्राओं को आत्मरक्षा (Self-defense) के व्यावहारिक तरीके बताए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी आपराधिक घटना के समय ‘साक्ष्य संरक्षण’ (Preservation of Evidence) कितना महत्वपूर्ण होता है और आम नागरिक इसमें पुलिस की मदद कैसे कर सकते हैं। उन्होंने युवाओं से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने का आह्वान किया।

​मानसिक स्वास्थ्य: आज के दौर की सबसे बड़ी जरूरत

दोपहर के भोजन के बाद के सत्र में मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के निदेशक प्रो. डॉ. दिनेश सिंह राठौर ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया। आज के प्रतिस्पर्धी युग में जब युवा तनाव और अवसाद का सामना कर रहे हैं, डॉ. राठौर का व्याख्यान एक मार्गदर्शक के रूप में सामने आया।​

उन्होंने कहा, “स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है, लेकिन मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना घातक हो सकता है।” उन्होंने आत्म-संयम, व्यक्तित्व विकास और सकारात्मक सोच पर बल दिया। इस दौरान आगरा कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम और पूर्व प्रोफेसर अरुणोदय वाजपेई ने भी युवाओं को समाज सेवा के लिए प्रेरित किया।​

सांस्कृतिक संध्या और मनोरंजन: प्रतिभा का प्रदर्शन

शिक्षण और सेवा के साथ-साथ शिविर में मनोरंजन और कला का भी तड़का लगा। आयोजित नृत्य प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया, जिसका निर्णय डॉ. निधि शर्मा, डॉ. दिव्या अग्रवाल, डॉ. माधुरी यादव और डॉ. ललिता सिंह के पैनल ने किया।

​शाम को आयोजित ‘राम-रावण’ खेल ने शिविर के माहौल को खुशनुमा बना दिया। रात को कैंप फायर की आंच के साथ सांस्कृतिक संध्या का समापन हुआ, जहां छात्र-छात्राओं ने गीतों और नाटकों के जरिए भारतीय संस्कृति की छटा बिखेरी।

​एक सफल आयोजन की पीछे की टीम

​इस भव्य आयोजन की सफलता में कार्यक्रम अधिकारियों का विशेष योगदान रहा। डॉ. आनंद प्रताप सिंह, डॉ. अविनाश जैन, डॉ. सुरेन्द्र पाल सिंह, और अन्य सभी वरिष्ठ शिक्षकों ने यह सुनिश्चित किया कि शिविर का प्रत्येक क्षण विद्यार्थियों के लिए सीखने वाला हो। कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. रविशंकर सिंह और शिवम सारस्वत ने किया, जबकि अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सत्यदेव शर्मा द्वारा दिया गया।