
मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने कहा- गलतफहमियां दूर की जाएंगी; भतीजे पर मारपीट के आरोप के बाद गरमाया था आगरा नगर निगम का माहौल
आगरा, उत्तर प्रदेश: आगरा नगर निगम की राजनीति में एक बड़ा मोड़ आ गया है। सहायक नगर आयुक्त (एसीए) अशोक प्रिय गौतम पर खुलेआम भ्रष्टाचार के आरोप लगाने और उन्हें हटाने की मांग करने वाली मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने अब अपना रुख पूरी तरह बदल लिया है। दो दिन पहले तक निगम अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोलने वाली मेयर अब कह रही हैं कि नगर निगम के अधिकारी और पार्षद ‘उनका परिवार’ हैं, और सभी गलतफहमियां बातचीत से दूर कर ली जाएंगी।
विवाद पर मेयर का बदला हुआ रुख
मेयर के इस ‘यू-टर्न’ ने सबको चौंका दिया है। मेयर ने बुधवार को कहा, “नगर निगम में कोई विवाद नहीं है, सिर्फ गलतफहमियां हैं। मैं सबको साथ बैठाऊंगी और इन गलतफहमियों को दूर किया जाएगा। नगर निगम के पार्षद और अधिकारी सब मेरा परिवार हैं। किसी भी हालत में मैं अपने परिवार को बिखरने नहीं दूंगी।
“यह बयान उस समय आया है जब मेयर के भतीजे हर्ष दिवाकर पर सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम के साथ मारपीट और अभद्रता करने का आरोप लगा है।
भतीजे के समर्थन में मेयर ने उठाए थे भ्रष्टाचार के आरोप
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब मेयर के भतीजे हर्ष दिवाकर पर रविवार को एक कार्यक्रम के दौरान एसीए गौतम के साथ गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा।
कर्मचारियों का विरोध: इस घटना के बाद, नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी एकजुट हो गए। उन्होंने मंगलवार को निगम में तालाबंदी कर काम ठप कर दिया। बुधवार को वर्कशॉप से वाहन नहीं निकलने दिए और गुरुवार को कमिश्नरी में मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंपा। उनकी मुख्य मांग हर्ष दिवाकर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की थी।
मेयर का पलटवार: कर्मचारियों के विरोध के बीच, मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने अपने भतीजे का बचाव करते हुए एसीए गौतम के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया। उन्होंने गौतम पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए, न केवल शासन में शिकायत की बल्कि सोमवार को आगरा आए मुख्यमंत्री के समक्ष भी यह मुद्दा उठाया था।
दो दिन पहले मेयर ने क्या कहा था?
मंगलवार को मीडिया से बातचीत में मेयर का रुख काफी आक्रामक था: “अगर हर्ष गलत होगा तो मैं खुद उसे पुलिस के पास ले जाऊंगी। घटना के संबंध में अब तक कोई सबूत नहीं मिला है, सभी आरोप निराधार हैं। भ्रष्टाचार को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
“हर्ष की इतनी हिम्मत कैसे हो गई कि वह मेरे अधिकारी को हाथ लगा देगा? मेरा भतीजा इस तरह की हरकत कभी नहीं कर सकता। मैंने मंडलायुक्त और पुलिस कमिश्नर को अवगत करा दिया है। हो सकता है कि भ्रष्टाचार को दबाने के लिए ये सब किया जा रहा हो। मैंने प्रमुख सचिव को सहायक नगर आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिख दिया है।
“मेयर ने यहां तक कहा था कि एसीए गौतम ने जो भ्रष्टाचार किया है, वह कागज़ों को कहाँ ले जाएंगे।
क्या था मूल मामला?
सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम का आरोप है कि रविवार को एकलव्य स्टेडियम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मेयर के भतीजे हर्ष ने उनके साथ मारपीट की, धक्का-मुक्की की और धमकी दी। एसीए गौतम के अनुसार, हर्ष ने उन्हें नगर आयुक्त का साथ छोड़ने को कहा, और यह भी धमकाया कि उनकी बात मानते रहने पर उन्हें पिटाई के अलावा जान से भी हाथ धोना पड़ सकता है। उनका यह भी कहना है कि हर्ष पहले भी व्यक्तिगत काम कराने के लिए व्हाट्सएप कॉल पर धमकी दे चुका है।
इस बीच, मेयर द्वारा विवाद को ‘परिवार का मामला’ बताकर शांत करने की पहल के बाद देखना होगा कि नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी क्या प्रतिक्रिया देते हैं।




