निगम कर्मियों ने कार्य बहिष्कार किया; मेयर बोलीं- ‘षड्यंत्र’ के बहकावे में न आएं कर्मचारी

आगरा: ताजनगरी आगरा नगर निगम में लंबे समय से चल रहा शक्ति संघर्ष अब अपने चरम पर पहुँच गया है। हालिया घटनाक्रम में, सहायक नगर आयुक्त (एसीए) अशोक प्रिय गौतम ने मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाह के भतीजे हर्ष चौधरी (हर्ष दिवाकर) पर न सिर्फ सार्वजनिक रूप से धक्का-मुक्की और मारपीट करने का आरोप लगाया है, बल्कि यह भी कहा है कि उन्हें पहले भी व्हाट्सऐप कॉल्स पर धमकाया गया और पैसों की मांग की गई थी।

पीड़ित अधिकारी ने अब पुलिस कमिश्नर से शिकायत कर कड़ी कानूनी कार्रवाई के साथ ही अपने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।

विवाद की जड़: स्टेडियम में हुई धक्का-मुक्की और खुलेआम धमकी

विवाद का ताजा मामला गत रविवार को सदर स्थित एकलव्य स्टेडियम में आयोजित एक हाफ मैराथन कार्यक्रम से जुड़ा है। नगर निगम की तरफ से प्रतिनिधि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए एसीए अशोक प्रिय गौतम ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि मेयर के भतीजे हर्ष चौधरी (जो खुद को महापौर का पीए बताता है) ने अन्य लोगों के साथ मिलकर उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार, धक्का-मुक्की और मारपीट की।

खुलासा: “नगर आयुक्त का साथ छोड़ दो, वरना पिटाई करा दूंगा

शिकायती पत्र में अधिकारी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि हर्ष चौधरी ने उन्हें गालियाँ दीं और खुलेआम धमकाया कि “नगर आयुक्त का साथ छोड़ दो, वरना सरकारी काम नहीं करने दूंगा और तुम्हारी पिटाई करा दूंगा।” अधिकारी का आरोप है कि उन्हें यह भी धमकी दी गई कि नगर आयुक्त का साथ देने पर उन्हें जान से भी हाथ धोना पड़ सकता है।

पुरानी रंजिश और गंभीर आरोप: निजी काम और रुपये की मांग

सहायक नगर आयुक्त ने अपनी तहरीर में बताया कि यह विवाद नया नहीं है। हर्ष चौधरी इससे पहले भी व्हाट्सऐप कॉल्स के माध्यम से उन पर निजी काम कराने, कर्मचारियों की नियुक्ति कराने और रुपये की मांग का दबाव बनाते रहे हैं। इन मांगों को पूरा न करने पर उन्हें पहले भी पिटाई कराने की धमकियां मिल चुकी हैं।

परिवार की सुरक्षा को लेकर दहशत में अधिकारी

घटना के बाद से एसीए अशोक प्रिय गौतम का परिवार दहशत में है। सप्तऋषि अपार्टमेंट में रहने वाले अधिकारी ने बताया कि सार्वजनिक मारपीट और जान से मारने की धमकी के बाद उनका परिवार, जिसमें उनकी पत्नी और दो छोटे बच्चे शामिल हैं, मानसिक आघात में है। उन्होंने पुलिस आयुक्त से तत्काल वैधानिक कार्रवाई करने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

कार्रवाई में देरी से निगम में तालाबंदी, काम ठप

घटना को तीन दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक पुलिस ने अधिकारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज नहीं किया है। इस कारण नगर निगम के कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। एफआईआर और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कर्मचारियों ने आज नगर निगम में तालाबंदी कर दी और काम पूरी तरह से ठप रखा।

कर्मचारी कार्य बहिष्कार पर अड़े हुए हैं।

मेयर की अपील: “बहकावे में न आएं, काम पर लौटें”

इस बढ़ते विवाद के बीच, महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने मंगलवार को निगम कर्मियों से काम पर लौटने की अपील की। उन्होंने कहा कि कर्मचारी किसी के बहकावे में न आएं। मेयर ने आरोप लगाया कि कुछ लोग गड़बड़ियों को छिपाने के लिए नए-नए षड्यंत्र रच रहे हैं।

मेयर ने यह भी दोहराया कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के साथ अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि सहायक नगर आयुक्त की पुलिस तहरीर पर कार्रवाई चल रही है, और दोषी पाए जाने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।