डॉ. गौतम जैसवार को न्यू आगरा पुलिस ने चार दिन में पकड़ा; गिरफ्तारी पर पीड़िता बोली- अब मिलेगा न्याय

आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ. गौतम जैसवार की गिरफ्तारी ने शिक्षा जगत में सनसनी फैला दी है। एक शोध छात्रा से दुष्कर्म के आरोप में फरार चल रहे जैसवार को न्यू आगरा पुलिस ने नाटकीय ढंग से प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया है।

आरोपी प्रोफेसर हाईकोर्ट से स्टे लेने की कोशिश में नैनी स्थित एक हॉस्टल में छिपा हुआ था। लेकिन न्यू आगरा पुलिस की तत्परता ने उसे भागने का मौका नहीं दिया।

पुलिस को देखते ही टूट गया प्रोफेसर, बोला- “मुझसे गलती हो गई”

जब न्यू आगरा पुलिस की टीम प्रयागराज पहुंची, तो आरोपी प्रोफेसर डॉ. गौतम जैसवार के होश उड़ गए। पुलिस को सामने देखते ही उसके हाथ कांपने लगे और वह रोने लगा। उसने गिड़गिड़ाते हुए कहा, “मुझसे गलती हो गई।” पुलिस टीम उसे देर रात हिरासत में लेकर आगरा ले आई है, जहां उसे कोर्ट में पेश करने की तैयारी चल रही है।

मुकदमा दर्ज होने के मात्र चार दिन के भीतर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिससे पुलिस की तत्परता और सक्रियता साबित होती है।

पत्नी खूबसूरत नहीं है’, शादी और नौकरी का झांसा देकर 2 साल तक शोषण

न्यू आगरा थाना क्षेत्र की एक शोध छात्रा ने प्रोफेसर जैसवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा के अनुसार, प्रोफेसर ने दो वर्षों तक उसे शादी का झांसा दिया और उसका शारीरिक शोषण करता रहा। आरोप है कि वह उसे खजुराहो और बरसाना जैसे स्थानों के होटलों में ले जाकर दुष्कर्म करता था।

छात्रा ने बताया कि प्रोफेसर अक्सर उसे कहता था- “मेरी पत्नी खूबसूरत नहीं है, इसलिए मैं तुमसे शादी करूंगा। कुलपति बनते ही तुम्हारी नौकरी लगवा दूंगा।” जब छात्रा ने विरोध किया, तो प्रोफेसर ने उसका करियर बर्बाद करने की धमकी दी। डर और लालच के चलते छात्रा चुप रही, लेकिन अंततः उसने साहस जुटाकर पुलिस में तहरीर दी।

मेडिकल जांच के दौरान ‘दबाव’ डालने का गंभीर आरोप

पीड़ित छात्रा ने लेडी लायल अस्पताल में हुए मेडिकल जांच के दौरान भी गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा के अनुसार, वहां के चिकित्सक ने उसे मेडिकल न कराने की सलाह दी। डॉक्टर ने यह कहकर डराया कि जांच से उसके शरीर को नुकसान हो सकता है और प्रोफेसर की गलती साबित नहीं होगी, इसलिए वह ‘मूव ऑन’ कर जाए।

पीड़िता का यह भी आरोप है कि डॉक्टर ने उसे बहला-फुसलाकर एक कागज पर हस्ताक्षर करा लिए थे। बाद में सच्चाई का एहसास होने पर छात्रा ने दोबारा मेडिकल जांच की मांग की, जिसे सीएमओ ने आदेशित कर दिया है।

“अब मिलेगा न्याय”

गुरुवार को छात्रा ने थाने जाकर इंस्पेक्टर राजीव त्यागी से आरोपी की गिरफ्तारी के बारे में पूछा था। इंस्पेक्टर ने भरोसा दिलाया और उसी रात आरोपी को दबोच लिया गया।

आरोपी की गिरफ्तारी पर पीड़िता ने राहत की सांस लेते हुए कहा कि “अब उसे न्याय मिलेगा।”पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अब उन कुछ प्रोफेसरों को भी विवेचना में पार्टी बनाया जाएगा जो छात्रा पर राजीनामा करने का दबाव बना रहे थे। पुलिस आरोपी प्रोफेसर के मोबाइल, लैपटॉप और यात्रा रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है ताकि उसके पिछले चार दिनों के ठिकाने और संपर्कों का पता लगाया जा सके।